वाह, क्या बात है! इस विधानसभा में मंत्री-विधायक के बीच हुआ संस्कृत में संवाद, पढ़िए डिटेल
दरअसल विधानसभा का सत्र चल रहा था, तभी भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक के संस्कृत में संवाद का स्कूल शिक्षा मंत्री ने संस्कृत में ही उत्तर दिया। जानिए ये अनोखा मामला किस राज्य की विधानसभा का है और सदन में संस्कृत बोलने वाले मंत्री-विधायक कौन हैं।

बीते कुछ समय से भाषा को लेकर आए दिन कोई न कोई विवाद सामने आ रहा है। इस बीच देश की एक विधानसभा से संस्कृत में संवाद करने का रोचक मामला सामने आया है। दरअसल विधानसभा का सत्र चल रहा था, तभी भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक के संस्कृत में संवाद का स्कूल शिक्षा मंत्री ने संस्कृत में ही उत्तर दिया। जानिए ये अनोखा मामला किस राज्य की विधानसभा का है और सदन में संस्कृत बोलने वाले मंत्री-विधायक कौन हैं।
संस्कृत में संवाद करने का ये अनोखा मामला मध्यप्रदेश विधानसभा का है। यहां भाजपा विधायक अभिलाष पांडे ने अपनी ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से राज्य में संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन की ओर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह का ध्यान आकर्षित किया। पांडे ने अपनी ध्यानाकर्षण सूचना संस्कृत में ही पढ़ी। इस पर मंत्री श्री सिंह ने भी अपना उत्तर संस्कृत भाषा में ही दिया।
मंत्री श्री सिंह ने उन्होंने बताया कि राज्य में महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान है। यह संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने स्कूली छात्रों के लिए संस्कृत ओलंपियाड और बालरंग जैसे आयोजनों में भी संस्कृत से जुड़ी प्रतियोगिता कराए जाने की जानकारी दी।
इसी क्रम में श्री पांडे ने कहा कि राज्य के दो गांवों में ग्रामीण आपसी संवाद के लिए संस्कृत भाषा का ही उपयोग करते हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि सरकार संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए क्या कदम उठा रही है। इस पर मंत्री ने संस्कृत को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर जवाब दिया।
मंत्री श्री सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में राज्य में 34 संस्कृत विद्यालय थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 271 हो गई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में ऐसे संस्थान विकसित करने की सरकार की तैयारी है, जिनमें संस्कृत, वैदिक और यौगिक तीनों अध्ययन एक साथ हो सकें।




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