सतना में डिवाइडर तोड़कर नहर में गिरा ट्रक, 3 की मौत; कटर मशीन से गाड़ी काटकर निकाली लाश
पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया, यह दुर्घटना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर नेमुआ मोड़ के पास बुधवार तड़के हुई।

एमपी में सतना जिले के नेशनल हाईवे-39 पर बुधवार की सुबह एक भयावह मंजर देखने को मिला है। सतना से रीवा की ओर जा रहा सरिया लदा एक तेज रफ्तार ट्रक नेमुआ मोड़ के पास बेकाबू होकर डिवाइडर लांघते हुए सीधे गहरी नहर में जा गिरा। इस भीषण हादसे में ट्रक के केबिन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चालक, क्लीनर व मजदूर की मौके पर ही सांसें थम गईं। मलबे और भारी सरियों के बीच फंसे शवों को निकालने के लिए प्रशासन को करीब 4 घंटे तक कड़ा संघर्ष करना पड़ा।
कटर मशीन से काटकर निकाली लाश
हादसा इतना भीषण था कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया था। सूचना पर रामपुर बघेलान थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी जब पुलिस बल के साथ पहुंचे, तो ट्रक के भीतर शव लोहे के जाल में फंसे हुए थे। पुलिस ने पहले बड़ी क्रेन के जरिए ट्रक को सीधा कराया, लेकिन एक शव ऐसी जगह फंसा था जिसे सामान्य रूप से निकालना नामुमकिन था। इसके बाद मौके पर गैस कटर मशीन बुलाई गई और ट्रक की बॉडी को काटकर शव बाहर निकाले गए।
मैहर जिले के है दो मृतक
हादसे का शिकार हुए तीन लोगों में से दो की पहचान मैहर जिले के निवासियों के रूप में हुई है। मृतकों की शिनाख्त पडरी निवासी दिलीप केवट (पिता राजेश केवट) और रामगढ़ निवासी विष्णु केवट (पिता माखनलाल केवट) के रूप में की गई है। तीसरे मृतक की शिनाख्त फिलहाल नहीं हो सकी है, पुलिस उसके परिजनों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।



5 घंटे तक थमा रहा हाईवे का सफर
सुबह करीब 8 बजे हुए इस हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, जिससे सतना-रीवा मार्ग पर लंबा जाम लग गया। हालात का जायजा लेने एडिशनल एसपी और तहसीलदार सुजीत नागेश भी पहुंचे। पुलिस ने एम्बुलेंस के जरिए शवों को मरचुरी भिजवाया और क्षतिग्रस्त ट्रक को हटवाने के बाद करीब 5 घंटे बाद यातायात बहाल कराया।
जांच के घेरे में हादसे की वजह
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अंदेशा जताया जा रहा है कि या तो ट्रक की स्टेयरिंग फेल हुई या फिर अलसुबह चालक को झपकी आने के कारण यह भीषण हादसा हुआ। ट्रक में लदे भारी भरकम लोहे के सरियों ने केबिन पर दबाव बनाया, जिससे बचाव का कोई मौका नहीं मिला है।




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