370 new cases in 10 days, 1,100 received anti-rabies injections; dog terror in this MP district 10 दिन में 370 नए केस, 1100 के लगा एंटी रेबीज इंजेक्शन; MP के इस जिले में कुत्तों का आतंक, Madhya-pradesh Hindi News - Hindustan
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10 दिन में 370 नए केस, 1100 के लगा एंटी रेबीज इंजेक्शन; MP के इस जिले में कुत्तों का आतंक

साल 2026 की शुरुआत के महज 10 दिनों में ही जिला अस्पताल में 1104 एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं। यानी औसतन हर दिन 100 से ज्यादा लोग अस्पताल की दहलीज पर रेबीज से बचने की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं।

Mon, 12 Jan 2026 09:18 PMRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, सतना
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10 दिन में 370 नए केस, 1100 के लगा एंटी रेबीज इंजेक्शन; MP के इस जिले में कुत्तों का आतंक

एमपी के सतना जिले में आवारा कुत्तों का आतंक अब 'इमरजेंसी' जैसे हालात पैदा कर रहा है। शहर की गलियों से लेकर गांव की पगडंडियों तक, कुत्तों की दहशत ऐसी है कि लोग अकेले निकलने से कतराने लगे हैं। जिला अस्पताल के आंकड़े इस खौफनाक स्थिति की तस्दीक कर रहे हैं। साल 2026 की शुरुआत के महज 10 दिनों में ही जिला अस्पताल में 1104 एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं। यानी औसतन हर दिन 100 से ज्यादा लोग अस्पताल की दहलीज पर रेबीज से बचने की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं।

370 नए केस ने बढ़ाई चिंता

जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. शरद दुबे ने बताया कि 1 जनवरी से 10 जनवरी के बीच 370 नए मरीज ऐसे आए हैं, जिन्हें पहली बार कुत्ते ने काटा है। इसका सीधा मतलब है कि जिले में हर रोज औसतन 37 लोग कुत्तों का शिकार बन रहे हैं। अगर पुराने फॉलो-अप (दूसरा और तीसरा डोज) और नए मरीजों को मिला लें, तो रोज करीब 110 मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। जानकारों का मानना है कि अगर निजी क्लिनिक और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के आंकड़े जोड़ लिए जाएं, तो जिले में रोज डॉग बाइट का शिकार होने वालों की संख्या 150 के पार है।

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स्टॉक में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन का दावा

एक तरफ जहां मरीजों की कतार लंबी हो रही है, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग ने राहत की खबर दी है। आरएमओ के मुताबिक, विभाग पूरी तरह तैयार है। वर्तमान में जिला अस्पताल के स्टोर में 23,500 और सीएमएचओ स्टोर में 2,500 डोज उपलब्ध हैं। कुल 26,000 वैक्सीन का स्टॉक मौजूद है। सरकारी अस्पतालों में यह वैक्सीन पूरी तरह निशुल्क लगाई जा रही है। बता दें कि जिले में साल भर में करीब 30 हजार डोज की खपत होती है, जिसके मुकाबले अभी पर्याप्त स्टॉक है।

भीड़ के लिए 'स्पेशल काउंटर'

अचानक बढ़ी मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने व्यवस्था बदल दी है।डॉग बाइट के मरीजों को सामान्य ओपीडी की भीड़ में न लगना पड़े, इसके लिए अलग इंजेक्शन कक्ष बनाया गया है।मरीज सीधे मेडिसिन विशेषज्ञ या ड्यूटी डॉक्टर से परामर्श लेकर इंजेक्शन लगवा सकते हैं। ब्लॉक स्तर के अस्पतालों को भी डिमांड भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

झाड़-फूंक हो सकता है जानलेवा

डॉ. शरद दुबे ने आम जनता से अपील की है कि वे अंधविश्वास के चक्कर में जान जोखिम में न डालें। कुत्ते के काटने पर घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से धोएं। झाड़-फूंक या देसी लेप न लगाएं। 24 घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचकर वैक्सीन जरूर लगवाएं, क्योंकि रेबीज का कोई इलाज नहीं है, इससे बचाव ही सुरक्षा है।

रिपोर्ट - जयदेव विश्वकर्मा

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