2 दिनों में घूम लेंगे वृंदावन, प्रेमानंद महाराज से ले कर बांके बिहारी के दर्शन तक, देखें पूरा प्लान!
अगर आप भी वृंदावन घूमने का प्लान बना रहे हैं और आपके पास सिर्फ दो दिन हैं, तब भी आप सही प्लानिंग के साथ वृंदावन के खास मंदिरों के दर्शन, संत प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन, मंगला आरती, यमुना जी की आरती और इस्कॉन मंदिर के भजनों का पूरा आनंद ले सकते हैं।

वृंदावन वह पावन भूमि है जहाँ हर गली, हर घाट और हर मंदिर में भक्ति की सुगंध बसती है। यहाँ आकर मन को अलग ही सुकून मिलता है और जीवन की भागदौड़ कहीं पीछे छूट जाती है। अगर आप भी वृंदावन घूमने का प्लान बना रहे हैं और आपके पास सिर्फ दो दिन हैं, तब भी आप सही प्लानिंग के साथ वृंदावन के खास मंदिरों के दर्शन, संत प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन, मंगला आरती, यमुना जी की आरती और इस्कॉन मंदिर के भजनों का पूरा आनंद ले सकते हैं। चलिए जानते हैं 2 दिन के वृन्दावन ट्रिप के लिए बिल्कुल परफेक्ट शेड्यूल, जिससे आप आराम से वृंदावन के तमाम प्रसिद्ध मन्दिरों में आसानी से दर्शन कर सकें।
पहले दिन की शुरुआत
ट्रिप के पहले दिन की शुरुआत सुबह बांके बिहारी मंदिर से करें। यहाँ भगवान का दर्शन अपने आप में एक अलग अनुभव हैं। इसके बाद पास ही स्थित राधा वल्लभ मंदिर जाएँ, जहाँ की भक्ति परंपरा बहुत शांत और भावपूर्ण है। इन मंदिरों के दर्शन के बाद नाश्ता कर लें, ताकि आगे की यात्रा आराम से हो सके।
नाश्ते के बाद राधा दामोदर मंदिर जाएँ, जहाँ कई संतों की स्मृतियाँ जुड़ी हुई हैं। इसके बाद स्नेह बिहारी जी, रंगनाथ जी और गोविंद देव जी मंदिर के दर्शन करें। ये सभी मंदिर वृंदावन की प्राचीन भक्ति परंपरा को दर्शाते हैं। इन मंदिरों में दर्शन के बाद लंच करें और कुछ समय के लिए होटल में रेस्ट करें। अगर आप रेस्ट नहीं करना चाहते तो केसी घाट जाकर यमुना जी में बोटिंग भी एंजॉय कर सकते हैं।
शाम के समय इस्कॉन मंदिर जाएँ, जहाँ भजन-कीर्तन का माहौल आपको जरूर पसंद आएगा। इसके बाद प्रेम मंदिर के दर्शन करें। रात के समय प्रेम मंदिर का नजारा बहुत ही खूबसूरत होता है। रात का भोजन करने के बाद लगभग रात तीन बजे परिक्रमा मार्ग की ओर जाएँ, जहाँ संत प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन होते हैं। यहाँ जाने से पहले एक बार स्थानीय ब्रजवासियों से समय जरूर कन्फर्म कर लें।
दूसरे दिन की सुबह: मंगला आरती और वन विहार
दूसरे दिन की शुरुआत बहुत जल्दी करें। सुबह साढ़े चार बजे राधा रमण जी मंदिर में मंगला आरती के दर्शन करें। इसके बाद निधिवन जाएँ, जो अपनी दिव्यता और रहस्यमयी वातावरण के लिए जाना जाता है। फिर गोपेश्वर महादेव जी के दर्शन करें। इन सभी स्थानों के दर्शन के बाद नाश्ता कर लें।
नाश्ते के बाद भंडीरवन जाएँ, जिसे राधा कृष्ण विवाह स्थली के रूप में जाना जाता है। इसके बाद वंशीवट के दर्शन करें, जहाँ भगवान कृष्ण की लीलाओं की यादें जुड़ी है। दोपहर में भोजन करें और फिर थोड़ी देर के लिए रेस्ट करें।
शाम को फिर से केसी घाट पहुँचे और शाम सात बजे यमुना जी की आरती में शामिल हों। इसके बाद चार धाम और चंद्रोदय मंदिर के दर्शन करें। इस तरह दो दिन की यह वृंदावन यात्रा भक्ति, शांति और आनंद से भरपूर अनुभव बन जाएगी, और आपकी ये वृंदावन ट्रिप आपके लिए लाइफटाइम मेमोरी बन जाएगी।
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