हिमाचल प्रदेश में हैं भोलेनाथ के 5 अनोखे मंदिर, एक में रावण ने की थी भगवान शिव की पूजा
हिमाचल प्रदेश को घूमने फिरने के लिए बेस्ट माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस जगह को भोलेनाथ का घर भी कहा जाता है। ऐसे में भगवान शिव के यहां कई मंदिर हैं। जिनके दर्शन के लिए आपको एक बार जरूर जाना चाहिए। देखिए भोलेनाथ के 5 अनोखे मंदिर।

हिमाचल प्रदेश एक खूबसूरत जगह है, जिसे पौराणिक रूप से भगवान शिव और पार्वती का घर कहा जाता है। ये जगह देवताओं की भूमि भी कही जाती है। पहाड़ों से घिरे इस प्राकृतिक सुंदरता वाले शहर में ढेरों मंदिर हैं। इनमें से बहुत से मंदिर सैकड़ों साल पुराने हैं। सावन के महीने में अगर आप अलग-अलग शिव मंदिरों को एक्सप्लोर करने की सोच रहे हैं तो हिमाचल में भोलेनाथ के 5 अनोखे मंदिरों का रुख करें।
1) बाबा भूतनाथ, मंडी
मंडी में स्थित प्राचीन बाबा भूतनाथ मंदिर के पीछे की कहानी कहती है कि एक बार स्थानीय लोगों ने देखा कि एक गाय के थनों से दूध निकलने लगा था, जो हर दिन एक निश्चित चट्टान के पास खड़ी रहती थी। यह खबर दूर-दूर तक फैल गई और राजा तक पहुंच गई। उसी समय, राजा अजबर सेन को एक सपना आया जिसमें भगवान शिव ने उन्हें उसी चट्टान के नीचे खुदाई करने के लिए कहा। पत्थर के नीचे से एक शिवलिंगम की खुदाई की गई और फिर इसे रखने के लिए एक मंदिर बनाया गया।
2) नरवेदेश्वर, हमीरपुर
नरवेदेश्वर मंदिर भगवान शिव और उनकी पत्नी पार्वती को समर्पित है। मंदिर की दीवारों पर जंगली जानवरों और पक्षियों की पेंटिंग भी सजी हुई हैं। मंदिर परिसर में भगवान गणेश, मां दुर्गा और लक्ष्मी-नारायण को समर्पित छोटे मंदिर भी हैं।
3) बैद्यनाथ मंदिर, कांगड़ा
हिमाचल के कांगड़ा जिले की ब्यास घाटी में स्थित प्राचीन बैजनाथ मंदिर भगवान वैद्यनाथ को समर्पित है। भगवान बैद्यनाथ चिकित्सकों के देवता हैं, जिनकी पूजा यहां लिंगम के रूप में की जाती है। मंदिर परिसर में कई देवताओं की बेहतरीन नक्काशी और मूर्तियां हैं, जो हरे-भरे बगीचों से घिरा हुआ है। इस मंदिर को लेकर ऐसा माना जाता है कि रावण ने भी यहां भगवान शिव की पूजा की थी।
4) बिजली महादेव मंदिर, कुल्लू
कुल्लू घाटी में बिजली महादेव मंदिरमें 60 फीट ऊंचा एक डंडा है जो सूरज की रोशनी में सुई की तरह चमकता है। माना जाता है कि यह बिजली को अवशोषित करता है और घाटी की रक्षा करता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि हर बार बिजली गिरने पर मंदिर का लिंगम टुकड़ों में बिखर जाता है और पुजारियों को इसे मक्खन और घी से ठीक करना पड़ता है।
5) पंचवक्त्र, मंडी
हिमाचल के सबसे पवित्र जिलों में से एक मंडी छोटी काशी के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर भगवान शिव की विशाल पंचमुखी प्रतिमा के लिए फेमस है, जो दैवीय स्वरूपों - अघोरा, ईशान, तत्पुरुष, वामदेव और रुद्र का प्रतिनिधित्व करती है। मानसून के दौरान मंदिर में पानी भर जाने के कारण मंदिर तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन