गर्मी में परेशान नहीं होना तो इन्वर्टर की बैटरी में पानी डालने का सही समय पता कर लें
Inverter battery safety tips: गर्मियों की दस्तक के साथ ही बिजली की कटौती भी बढ़ जाती है। ऐसे में इन्वर्टर के बैटरी का पूरा बैकअप चाहते हैं तो पता होना चाहिए कि बैटरी में पानी कब डालना चाहिए। यहां से जानें इनवर्टर की बैटरी में पानी डालने से जुड़ी जरूरी बातें

गर्मियों के मौसम की दस्तक के साथ ही शहरों में बिजली कटौती भी ज्यादा होने लगती है। ऐसे में बिजली से जुड़े काम ना रुके, पंखा, लाइट चलता रहे तो ज्यादातर लोग घरों में इन्वर्टर लगवाते हैं। लेकिन इन्वर्टर की बैटरी के साथ की गई लापरवाही की वजह से गड़बड़ हो जाती है। बैटरी को 5 साल चलनी चाहिए वो जल्दी ही खराब होने लगती है। बैटरी का बैकअप कम होने लगता है। दरअसल, इन्वर्टर की बैटरी को लंबे टाइम तक टिकाना है तो उसमे पानी डालने का समय जरूर पता होना चाहिए।
बैटरी में पानी डालना क्यों जरूरी है
बैटरी में इलेक्ट्रोलाइट होता है। अगर पानी का लेवल कम होगा तो बैटरी की प्लेट सूखने लगती है। जिसकी वजह से बैटरी का बैकअप कम होने लगता है। चार्जिंग भी धीमे हो जाती है। यहीं नहीं अगर बैटरी में पानी डालना समय पर चेक नहीं किया जाए तो बैटरी हमेशा के लिए खराब भी हो सकती है।
बैटरी में पानी
इन्वर्टर की बैटरी में पानी को बदलना नहीं होता बस उसमे खत्म हो रहा पानी भर देना होता है। जिससे बैटरी की लाइफ बनी रहे और चार्जिंग पूरी तरीके से हो सके।
बैटरी का पानी कब चेक करें
अगर आपके यहां पर बार-बार लाइट कटती है तो दो से तीन महीने में एक बार पानी का लेवल जरूर चेक करें। वहीं अगर गर्मियों के मौसम में लंबे पावर कट होते हैं तो हर एक से डेढ़ महीने में बैटरी में पानी का लेवल जरूर चेक करें।
बना होता है मिनिमम और मैक्सिमम का निशान
काफी सारी बैटरियों में मिनिमम और मैक्सिमम का निशान बना होता है। जब भी मिनमम के नीचे निशान जाए तो डिस्टिल्ड वाटर को भरे लेकिन ध्यान रहे कि मैक्सिमम के निशान के ऊपर बिल्कुल पानी ना भरें नहीं तो पानी ओवरफ्लो होकर नुकसान कर सकता है।
गलती से भी ना डालें ये पानी
ध्यान रहे कि बैटरी में हमेशा डिस्टिल्ड वाटर ही डालें। नल या आरओ का पानी भूलकर भी ना डालें। इन पानी में मौजूद मिनरल्स बैटरी की प्लेट पर जम जाते हैं और इसकी लाइफ को कम कर देते हैं।
ग्लव्स पहनें और बैटरी की हीट का रखें ध्यान
जब भी बैटरी को चेक करना हो तो हाथों में ग्लव्स जरूर पहनें। कोशिश करें कि जब बैटरी ठंडी तब ही चेक करें। अगर बैटरी बार-बार हीट हो जा रही तो फौरन किसी बैटरी एक्सपर्ट को बुलाकर चेक करवाएं। इन सारी सावधानियों के साथ इन्वर्टर की लाइफ को कई साल तक बढ़ाया जा सकता है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन