रात में ज्यादातर कपल्स करते हैं ये 1 गलती, जिस वजह से बिगड़ने लगता है रिश्ता- रिलेशनशिप थेरेपिस्ट की सलाह!
रिलेशनशिप थेरेपिस्ट दीपाली बत्रा के अनुसार रात में हमारा दिमाग सबसे ज्यादा थका हुआ होता है। इस समय हम बात को समझने के बजाय उस पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं। इसलिए इस समय की गई ये एक गलती रिश्ते को काफी नुकसान पहुंचा सकती है।

अक्सर रिश्तों में परेशानी किसी बड़ी वजह से नहीं, बल्कि कई बार गलत समय पर की गई बातचीत से भी शुरू हो जाती है। दिन भर की थकान के बाद जब रात में दो लोग किसी मुद्दे पर बात करते हैं, तब भावनाएं हावी हो जाती हैं और लॉजिक पीछे छूट जाता है। उस समय कही गई बातें दिल को चोट पहुंचा सकती हैं। कई बार रात में हुआ कोई संवाद इतना भारी लगने लगता है कि मन बेचैन हो जाता है और नींद तक नहीं आती। लेकिन अगली सुबह वही बात उतनी गंभीर नहीं लगती। तब महसूस होता है कि गलती मुद्दे की नहीं, बल्कि उस समय की थी। इसी अहम बात पर रिलेशनशिप थेरेपिस्ट दीपाली बत्रा ने कपल्स को सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही उन्होंने बताया है कि रात के समय कपल्स को किस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए। चलिए जानते हैं -
रात में सीरियस डिस्कशन मुश्किल पैदा कर सकता है
रिलेशनशिप थेरेपिस्ट दीपाली बत्रा के अनुसार रात में हमारा दिमाग सबसे ज्यादा थका हुआ होता है। इस समय हम बात को समझने के बजाय उस पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं। इस समय बातचीत करने से किसी समस्या का समाधान नहीं होता, बल्कि मन के अंदर जमा हुई भावनाएं भी थकान की वजह से बाहर निकल आती है। यही कारण है कि रात की बातचीत अक्सर बहस, गलतफहमी और कड़वाहट में बदल जाती है।
थकान भावनाओं को बढ़ा देती है
जब इंसान थका होता है, तब उसकी सोच संतुलित नहीं रहती। छोटी-सी बात भी बड़ी समस्या लगने लगती है। शब्दों में नरमी की जगह कठोरता आ जाती है और सामने वाले की भावनाओं का ध्यान नहीं रह जाता। उस वक्त कही गई बातें रिश्ते में लंबे समय तक के लिए असर छोड़ सकती हैं।
हर बातचीत का सही समय होना जरूरी है
थेरेपिस्ट साफ तौर पर कहती हैं कि हर मुद्दे पर तुरंत बात करना समझदारी नहीं होती। कई बार बातचीत को रोक देना ज्यादा सही फैसला होता है। यह चुप्पी रिश्ते से भागना नहीं है, बल्कि अनावश्यक नुकसान से बचने का तरीका है।
नींद रिश्तों को कैसे बेहतर बनाती है
दीपाली बत्रा के अनुसार नींद हमारे मन और दिमाग दोनों को शांत करती है। जब हम आराम कर के उठते हैं, तब भावनाएं स्थिर होती हैं और सोच साफ होती है। सुबह की बातचीत ज्यादा समझदारी और सम्मान के साथ होती है और हम किसी भी बात को बेहतर शब्दों में दूसरों के सामने रख पाते हैं।
रात में मतभेद हो तो क्या करना चाहिए
रिलेशनशिप कोच सलाह देती हैं कि अगर रात में कोई मतभेद सामने आए, तो तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय रुक जाना बेहतर होता है। गहरी सांस लें, खुद को संभालें और बातचीत को सुबह के लिए छोड़ दें। सुबह जब दिमाग पूरी तरह से रिलैक्स हो तब प्रॉपर डिसकशन करें।
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