Solo Valentine’s Day : टूटा दिल और तन्हा राहें? इस वैलेंटाइन डे 'हम' से 'मैं' तक का सफर तय करने में मदद करेंगे ये टिप्स
Tips To Heal After Heartbreak : सोलो वैलेंटाइन डे सिर्फ अकेलापन नहीं होता। कई बार यह दिल पर मरहम लगाने की शुरुआत भी हो सकती है। गेटवे ऑफ हीलिंग की संस्थापक और मनोचिकित्सक डॉ. चांदनी तुगनैत से जानते हैं प्यार में जिन लोगों का दिल टूटा है वो इस वैलेंटाइन डे 'हम' से 'मैं' तक का सफर कैसे तय करें।

प्यार करने वाले हर दिल को वैलेंटाइन डे का इंतजार बड़ी बेसब्री से रहता है। यह वो खास दिन है, जब कपल्स जीवन की भागदौड़ से दूर अपने पार्टनर को उसके खास होने का अहसास करवाते हैं। वैलेंटाइन डे का नाम आते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में कपल्स, फूल, गिफ्ट और रोमांटिक तस्वीरें घूमने लगती हैं। लेकिन प्यार की यह तस्वीर उन लोगों के लिए बिल्कुल बदल जाती है, जिनका हाल ही में दिल टूटा हो, ऐसे लोगों को प्यार भरा यहा दिन सबसे भारी लगने लगता है। चारों तरफ प्यार का शोर और अंदर खालीपन, इन लोगों को अकेले वैलेंटाइन डे बिताने का ख्याल भले ही डरावना लगे लेकिन सच यह है कि सोलो वैलेंटाइन डे सिर्फ अकेलापन नहीं होता। कई बार यह दिल पर मरहम लगाने की शुरुआत भी हो सकती है। गेटवे ऑफ हीलिंग की संस्थापक और मनोचिकित्सक डॉ. चांदनी तुगनैत से जानते हैं प्यार में जिन लोगों का दिल टूटा है वो इस वैलेंटाइन डे 'हम' से 'मैं' तक का सफर कैसे तय करें।
दिल टूटने के बाद यह दिन इतना मुश्किल क्यों लगता है
दिल टूटने के बाद इंसान पहले से ही सवालों और दर्द से घिरा होता है। ऐसे में वैलेंटाइन डे पुराने रिश्ते की याद दिला देता है। क्या था, क्या हो सकता था, और अब क्या नहीं है। सोशल मीडिया इस दर्द को और तेज कर देता है, जहां हर दूसरी तस्वीर प्यार से भरी दिखती है। यह तुलना अपने आप में हीलिंग को रोक सकती है। ऐसा लगने लगता है कि सब आगे बढ़ गए हैं, बस आप ही पीछे छूट गए हैं।
अकेले होने का मतलब असफल होना नहीं है
सबसे पहली बात जो समझने की जरूरत है, वह यह है कि वैलेंटाइन डे पर अकेले होना किसी की असफलता नहीं है। यह इस बात का सबूत नहीं कि आप प्यार के लायक नहीं हैं। कई बार यह इस बात का संकेत होता है कि आपने खुद को ऐसे रिश्ते से बाहर निकाला, जो आपको पूरा नहीं कर पा रहा था। अकेलापन हमेशा कमी नहीं होता, कभी-कभी यह खुद से मिलने का मौका होता है।
खुद के साथ वही व्यवहार करें, जो किसी अपने से करते हैं
दिल टूटने के बाद इंसान खुद से बहुत सख़्त हो जाता है। खुद को दोष देना, बार-बार वही बातें दोहराना, और सोचना कि काश ऐसा न किया होता। सोलो वैलेंटाइन डे खुद से नरमी सीखने का मौका देता है। अगर आपका कोई दोस्त इस दर्द से गुज़र रहा होता, तो आप उसे समझाते, सहारा देते। वही भाषा आज खुद के लिए इस्तेमाल करना हीलिंग का बड़ा हिस्सा है।
प्यार की परिभाषा को बदलने का समय
वैलेंटाइन डे सिर्फ रोमांटिक प्यार का दिन नहीं है। यह उस प्यार का भी दिन हो सकता है, जो आपने अब तक दूसरों को दिया, लेकिन खुद को नहीं दे पाए। अपने शरीर का ध्यान रखना, अच्छा खाना, थोड़ा टहलना, या बस शांति से बैठना भी प्यार हो सकता है। हीलिंग हमेशा बड़ी चीजों से नहीं होती, कभी-कभी छोटे-छोटे ख्याल भी दिल को जोड़ने लगते हैं।
यह एक नई शुरुआत हो सकती है
जब आप किसी रिश्ते से बाहर आते हैं, तो आपके अंदर एक खाली जगह बनती है। सोलो वैलेंटाइन डे उस जगह को भरने की जल्दी नहीं करता। वह बस आपको वहां बैठने देता है और कई बार, उसी चुप्पी में आप समझ पाते हैं कि आगे आपको किस तरह का प्यार चाहिए, और किस तरह का नहीं।
डॉ. चांदनी तुगनैत कहती हैं कि सोलो वैलेंटाइन डे कोई सजा नहीं है। यह एक ठहराव है। एक ऐसा दिन, जहां आप किसी और के लिए नहीं, सिर्फ अपने लिए मौजूद होते हैं। दिल टूटने के बाद हीलिंग सीधी लाइन में नहीं चलती। कुछ दिन आसान होंगे, कुछ भारी। लेकिन अगर आप इस दिन खुद के साथ ईमानदार और नरम रह पाए, तो यही अकेलापन धीरे-धीरे आपकी ताकत बन सकता है। जहां से एक नए, ज्यादा सच्चे प्यार की शुरुआत होती है।
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