Shayari in Hindi: अजीब सौदागर है ये वक्त…जिंदगी की हकीकत बयां करने वाली 15 शायरियां
जिंदगी में उतार-चढाव का लगे रहते हैं। देखा जाए तो इसका भी अपना अलग मजा है। इस एक्सपीरियंस को शब्दों में लिखना चताहते हैं तो यहां देखिए जिंदगी की हकीकत वाली शायरियां।

जिंदगी भी कभी फूलों की सेज है तो कभी कांटों की राह। हर किसी की लाइफ एक दूसरे से अलग है। लाइफ के इस गजब एक्सपीरियंस को शब्दों में लिखने को कहा जाए तो शायद आपको मुश्किल लगे। ऐसे में यहां कुछ ऐसी शायरियां हैं जो जिदगी के उतार-चढ़ाव और उसकी कड़वी मगर सच्ची हकीकत को बयां करती हैं।
1) उम्र की राह में जज्बात बदल जाते हैं,
वक्त की आंच में हालात बदल जाते हैं।
सोचता हूं कि पढ़ लूं मुकम्मल किताब-ए-जीस्त,
मगर हर पन्ने पर ख्यालात बदल जाते हैं।
2) सच्ची बात बोलने वाले यहाँ अक्सर अकेले होते हैं,
झूठ की महफिलों में तो बस मेले होते हैं।
रिश्तों की अहमियत अब जरूरतों से तय होती है,
वरना अब दिलों में कहाँ वो पहले वाले झमेले होते हैं।
3) अजीब सौदागर है ये वक़्त भी दोस्तों,
जवानी का लालच देकर बचपन ले गया।
अब अमीरी का लालच देकर सुकून ले रहा है,
हम समझते रहे कि हम बड़े हो रहे हैं।
4) घड़ी की सुइयां तो बस चलती रहती हैं,
इंसान की सांसें पल-पल घटती रहती हैं।
हम जमा करते रहे सामान ता-उम्र यहाँ,
मगर रूह बस निकलने का रास्ता तकती रहती है।
5) उम्र की राह में जज्बात बदल जाते हैं,
वक़्त की आंच में हालात बदल जाते हैं।
सोचता हूं कि पढ़ लूं मुकम्मल किताब-ए-जीस्त,
मगर हर पन्ने पर ख्यालात बदल जाते हैं।
6) अजीब सौदागर है ये वक़्त भी दोस्तों,
जवानी का लालच देकर बचपन ले गया।
अब अमीरी का लालच देकर सुकून ले रहा है,
हम समझते रहे कि हम बड़े हो रहे हैं।
7) घड़ी की सुइयां तो बस चलती रहती हैं,
इंसान की सांसें पल-पल घटती रहती हैं।
हम जमा करते रहे सामान ता-उम्र यहाँ,
मगर रूह बस निकलने का रास्ता तकती रहती है।
8) मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है,
पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।
मगर इस उड़ान में जो ठोकरें लगती हैं राहों में,
वही असल में जिंदगी की सबसे बड़ी पहचान होती है।
9) रास्ते मुश्किल हैं मगर चलना तो पड़ेगा,
सूरज की तरह चमकना है तो जलना तो पड़ेगा।
बैठकर किनारे पर लहरें गिनने से क्या होगा,
समुद्र की गहराई को नापना है तो उतरना तो पड़ेगा।
10) काटों पर चलने वाला शख्स जल्दी पहुंचता है,
क्योंकि पैर के छाले उसे रुकने नहीं देते।
मगर ज़िंदगी का तजुर्बा उसे ये सिखाता है,
कि कभी अपने सिर को किसी के आगे झुकने नहीं देते।
11) खामोशियां भी बहुत कुछ कह जाती हैं,
बिना अल्फाज के भी दास्तां रह जाती हैं।
जो समझ ले उसे ही कहते हैं हमसफ़र,
वरना बातें तो यहाँ पत्थर भी सह जाती हैं।
12) सब्र का दामन थाम लो तो जीत जाओगे,
हर मुश्किल घड़ी को हंसकर बिता जाओगे।
ज़िंदगी इम्तिहान लेती है हर मोड़ पर यहाँ,
अगर शांत रहे तो समुंदर भी पार कर जाओगे।
13) बोलने से पहले तौलना सीख लो यारों,
लफ्जों के तीरों को मोड़ना सीख लो यारों।
ज़ख्म तो भर जाते हैं मगर बातें रह जाती हैं,
बिखरे हुए दिलों को जोड़ना सीख लो यारों।
14) सादगी में जो सुकून है वो दिखावे में कहां,
सच्चाई की जीत है, झूठ के बहकावे में कहां।
पैर ज़मीन पर हों तो आसमान भी अपना है,
उड़ने का मज़ा तो है, मगर गिराव में कहां।
15) मिट्टी का तन है तेरा, मिट्टी में मिल जाएगा,
क्या लाया था साथ जो साथ लेकर जाएगा।
दो मीठे बोल ही हैं जो याद रह जाएंगे,
बाकी सब तो यहीं धरा का धरा रह जाएगा।
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