वैलेंटाइन डे के आसपास कपल्स के बीच क्यों बढ़ जाते हैं झगड़े? एक्सपर्ट ने बताए कारण do you know why some couples fight more around valentines day 2026 here is what expert says, रिलेशनशिप टिप्स - Hindustan
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वैलेंटाइन डे के आसपास कपल्स के बीच क्यों बढ़ जाते हैं झगड़े? एक्सपर्ट ने बताए कारण

ये उम्मीदें खुलकर कही नहीं जातीं, इसलिए निराशा अचानक सामने आ जाती है। ऐसे में जो झगड़ा होता है, वह फूलों या डिनर को लेकर नहीं होता, बल्कि इस भावना को लेकर होता है कि मुझे समझा गया या नजरअंदाज किया गया।

Fri, 6 Feb 2026 09:25 PMManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
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वैलेंटाइन डे के आसपास कपल्स के बीच क्यों बढ़ जाते हैं झगड़े? एक्सपर्ट ने बताए कारण

वैलेंटाइन डे 2026 का नाम सुनते ही आंखों के आगे सबसे पहले लाल गुलाब, रोमांटिक डेट्स और प्यार भरे वादों की तस्वीर उभरने लगती है, लेकिन क्या आप जानते हैं प्यार भरे इस हफ्ते में कपल्स के बीच झगड़ों और ब्रेकअप की खबरें भी कम नहीं आती। मनोवैज्ञानिकों की मानें तो सोशल मीडिया के बढ़ते दबाव और 'परफेक्ट कपल' दिखने की चाहत, कई प्यार भरे रिश्तों में दरार पैदा करने लगती है। जिसे एक्सपर्ट्स 'वैलेंटाइन स्ट्रेस' के नाम से भी जानते हैं। जिसमें छोटी-छोटी बातों पर बहस हो जाती है, खामोशियां भारी महसूस होने लगती हैं, और जो कपल्स मतभेद को अच्छी तरह संभाल नहीं पाते, वे चिड़चिड़े या भावनात्मक रूप से एक दूसरे से दूर होने लगते हैं। गेटवे ऑफ हीलिंग की संस्थापक और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत, कहती हैं कि वैलेंटाइन डे पर होने वाले कई झगड़े असल में एक दिन पहले से ही शुरू हो जाते हैं। एक साथी मन ही मन चाहता है कि सामने वाला उसे स्पेशल फील करवाने के लिए कुछ खास करने की कोशिश करे, प्लान बनाए या भावनात्मक भरोसा जताए। जबकि दूसरा यह मान लेता है कि यह दिन भी आम दिन की ही तरह हल्का-फुल्का है, जरूरी नहीं है या फिर बस औपचारिक-सा है। बहरहाल, ये उम्मीदें खुलकर कही नहीं जातीं, इसलिए निराशा अचानक सामने आ जाती है। ऐसे में जो झगड़ा होता है, वह फूलों या डिनर को लेकर नहीं होता, बल्कि इस भावना को लेकर होता है कि मुझे समझा गया या नजरअंदाज किया गया।

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वैलेंटाइन डे 2026 पर कपल्स के बीच झगड़े का कारण बनती हैं ये वजह

परफेक्ट' दिखने का दबाव- इस दिन हर हाल में खुश और रोमांटिक दिखने का सामाजिक दबाव कपल्स के लिए घुटन बन जाता है। जो रिश्ते पहले से ही तनाव या दूरी से गुजर रहे हैं, वहां यह दबाव नजदीकी बढ़ाने की जगह रिश्तों में मौजूद खालीपन को और साफ कर देता है। जब रोमांस की जबरन कोशिशें नाकाम होती हैं, तो वह झुंझलाहट झगड़ों का रूप ले लेती है।

उम्मीदों का बोझ और पुराने घाव- अक्सर लोग सोचते हैं कि वैलेंटाइन डे उनके बिगड़े रिश्ते को रातों-रात सुधार देगा। लेकिन हकीकत में, यह दिन पुराने अनसुलझे मुद्दों को और गहरा कर देता है। एक पार्टनर की 'सब ठीक करने' की उम्मीद और दूसरे पर 'उम्मीदों का बोझ' आपस में टकराते हैं, जिससे महीनों की कड़वाहट एक ही दिन में विस्फोट बनकर बाहर आ जाती है।

सोशल मीडिया और तुलना हालात को और बिगाड़ देती है- सोशल मीडिया भी वैलेंटाइन डे के झगड़ों को हवा देता है। कपल्स दूसरों की सजी-संवरी रोमांटिक तस्वीरें देखकर अनजाने में अपने रिश्ते की तुलना करने लगते हैं। यहां तक कि मजबूत रिश्तों में भी इससे असहजता आ सकती है। एक साथी साधारण सेलिब्रेशन को लेकर शर्मिंदगी महसूस कर सकता है, जबकि दूसरा खुद को बेवजह जज किया हुआ समझता है। यह तुलना ऐसा दबाव बनाती है, जिसका असली रिश्ते से कोई लेना-देना नहीं होता।

दबे हुए मुद्दों का उभरना- वैलेंटाइन डे अधूरे मसलों के लिए 'मैग्नीफाइंग ग्लास' का काम करता है। महीनों की दूरी या पुरानी गलतफहमियों को जब महज एक दिन के दिखावे से भरने की कोशिश की जाती है, तो उम्मीदों का यह बोझ अक्सर बड़े टकराव का कारण बन जाता है। अगर रिश्ते में भावनात्मक दूरी, कोशिश की कमी या बार-बार होने वाली गलतफहमियां रही हैं, तो यह दिन उन्हें और उभार देता है। एक साथी उम्मीद करता है कि यह दिन सब ठीक कर देगा। दूसरा उस उम्मीद के बोझ से दबा हुआ महसूस करता है। जब महीनों की दूरी को एक दिन में भरने की उम्मीद की जाती है, तो टकराव लगभग तय हो जाता है।

प्यार जब अभिनय बन जाता है- जब प्यार सादगी छोड़कर कपल्स के लिए प्रदर्शन बन जाता है, तो वह रिश्ते के लिए बोझ बन जाता है। कई कपल्स इसलिए भी झगड़ते हैं क्योंकि वो वैलेंटाइन डे के दिन हर चीज सही करने की कोशिश करते हैं, गलत न बोल देने से डरते हैं और दिन अच्छा बना रहे, इसके लिए अपनी सच्ची भावनाएं दबा लेते हैं। लेकिन दबाई गई भावनाएं खत्म नहीं होतीं। वे तंज, चिड़चिड़ेपन या दूरी के रूप में बाहर आ जाती हैं। प्यार सहज नहीं रह पाता और उससे अपनापन गायब होने लगता है।

ये झगड़े असल में क्या बता रहे हैं

वैलेंटाइन डे पर होने वाले झगड़े शायद ही कभी उस दिन को लेकर होते हैं। ज्यादातर मामलों में ये संवाद की कमी, अनकही भावनात्मक जरूरतों और लंबे समय से बनती आ रही उम्मीदों की ओर इशारा करते हैं। जब कपल्स ईमानदारी से बात करते हैं, दबाव कम करते हैं और यह उम्मीद छोड़ देते हैं कि एक ही दिन पूरे रिश्ते का भावनात्मक बोझ उठाएगा, तो तनाव अपने आप कम होने लगता है। जब प्यार को परफेक्ट दिखाने की जगह रोजमर्रा के साधारण दिनों में, अपनी खामियों के साथ जीने दिया जाता है, तब वैलेंटाइन डे झगड़ों का कारण नहीं बनता।

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