6 से 12 महीने के बच्चे की डायट में कब और कैसे शामिल करें मसाले, एक टिप खूब आएगी काम When and how to include spices in 6 to 12 month baby diet, पेरेंटिंग टिप्स - Hindustan
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6 से 12 महीने के बच्चे की डायट में कब और कैसे शामिल करें मसाले, एक टिप खूब आएगी काम

बच्चा जैसे ही खाना शुरू करता है वैसे ही पेरेंट्स इस बात को लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं कि बेबी की डायट में मसालों को कैसे शामिल करें। ऐसे में यहां जानिए कि कब और कैसे बच्चे की डायट में मसालों को शामिल करें। 

Sat, 14 March 2026 01:16 PMAvantika Jain लाइव हिन्दुस्तान
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6 से 12 महीने के बच्चे की डायट में कब और कैसे शामिल करें मसाले, एक टिप खूब आएगी काम

सभी पेरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा सेहतमंद हो और हमेशा स्वस्थ रहे। बच्चे के जनम से लेकर 6 महीने पूरे होने तक बेबी को सिर्फ मां का दूध देने की सलाह दी जाती है। लेकिन 6 महीने पूरे होते ही डॉक्टर की सलाह के बाद अलग-अलग चीजें खिलाना शुरू कर देना चाहिए। शुरुआत में मैश की हुई दाल, सब्जी खिला सकते हैं। जैसे बच्चा बड़ा होता है और टेस्ट डेवलप कर लेता है तो आप उसे सभी चीजें खिला सकते हैं। बहुत से पेरेंट्स इस दौरान एक बात को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित होते हैं वह है कि बच्चे की डायट में कब और कैसे मसालों को शामिल करें। डॉक्टर बच्चे को एक साल तक नमक देने और दो साल तक चीनी देने के लिए मना करते हैं लेकिन बाकी मसालों का क्या? यहां जानिए बच्चों के खाने में कब और कैसे शामिल करें मसाले।

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6-7 महीने का बच्चा

बच्चा जब खाना शुरू कर देता है तो उसे हल्का और आसानी से पचने वाली चीजों को ही खिलाना चाहिए। हल्दी, जीरा, अदरक, सौंफ जैसी चीजों को प्यूरी, दाल, खिचड़ी, दलिया या ओट्स में थोड़ी मात्रा में डालकर खिला सकते हैं।

7-8 महीने का बच्चा

7 से 8 महीने के बच्चे को हल्की खुशबू वाली चीजें जैसे इलायची, जायफल, अजवायन, धनिया दे सकते हैं। ये सभी चीजें आप खीर, सूजी, ओट्स, मैश किए हुए फल और सूप में दे सकते हैं।

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8-9 महीने का बच्चा

प्राकृतिक स्वाद वाली चीजें जैसे तेज पत्ता और लौंग को सूप या सब्जी प्यूरी में दे सकते हैं। हालांकि मात्रा बहुत कम होनी चाहिए।

9-10 महीने का बच्चा

9 से 10 महीने के बच्चे को दही या छाछ में पुदीना, दाल या मैश की हुई सब्जियों में उबला या भुना हुआ लहसुन और खिचड़ी या उपमा में सरसों के दानों का हल्का तड़का लगा सकते है।

10-12 महीने का बच्चा

पाचन के लिए दाल या सूप में एक चुटकी हींग डालें और रोटी या दाल में भिगोई हुई मेथी डालें। इससे खाने का स्वाद बढ़ जाएगा और बच्चे का टेस्ट भी डेवलप होगा।

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टिप- बच्चे की डायट में खाने को धीरे-धीरे शुरू करें, शुरुआत में सिर्फ चुटकी भर मसाले शामिल करें। कोई भी नया मसाला डालने से पहले 3-5 दिन तक इंतजार करें। इसके अलावा मिर्च, गरम मसाला, नमक और चीनी को कम से कम एक साल तक अवॉइड करें।

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