डिलीवरी में चीरा या टांके ना लगे इसके लिए क्या करें? गाइनेकोलॉजिस्ट से जानें 4 जरूरी बातें! Gynaecologist Shares 4 Tips to Avoid Stitches and Cuts During Normal Delivery, पेरेंटिंग टिप्स - Hindustan
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डिलीवरी में चीरा या टांके ना लगे इसके लिए क्या करें? गाइनेकोलॉजिस्ट से जानें 4 जरूरी बातें!

Pregnancy Care Tips: नॉर्मल डिलीवरी के दौरान लगने वाले चीरे और टांके से ज्यादातर प्रेगनेंट लेडीज को डर लगता है। गुड न्यूज ये है कि कुछ टिप्स अपनाकर इनकी संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Thu, 16 April 2026 08:29 PMAnmol Chauhan लाइव हिन्दुस्तान
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डिलीवरी में चीरा या टांके ना लगे इसके लिए क्या करें? गाइनेकोलॉजिस्ट से जानें 4 जरूरी बातें!

प्रेग्नेंसी हर महिला के जीवन का एक बेहद ही खास समय होता है। इस दौरान मन में तरह तरह की चिंताएं रहना स्वाभाविक है। खासतौर से डिलीवरी को ले कर काफी चीजें कन्फ्यूज करती हैं और लोगों की बातें तो और डराने का काम करती हैं। इनमें से एक है आम डर होता है प्रेग्नेंसी के दौरान लगने वाले टांकों और चीरे का। कई बार डिलीवरी के समय पेरिनियम (योनि और गुदा के बीच का हिस्सा) में या तो प्राकृतिक फटाव (टियर) हो जाता है या डॉक्टर द्वारा छोटा सा चीरा लगाया जाता है, जिसे एपिसियोटॉमी कट कहा जाता है। इन दोनों ही स्थितियों में बाद में टांके लगाए जाते हैं, जिससे कई महिलाओं को काफी डर लगता है। गुड न्यूज ये है कि कुछ बातों का ध्यान रखकर इनसे बचा जा सकता है। गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ सोनिया गुप्ता ने ऐसी ही कुछ टिप्स शेयर की हैं।

पुशिंग का सही समय और टेक्नीक जरूरी है

डॉ सोनिया कहती हैं डिलीवरी के समय आपका पुशिंग करने का टाइम और तरीका दोनों सही होने चाहिए। पुशिंग तभी शुरू करनी चाहिए जब यूटरस का माउथ 10 cm खुल जाता है और आपको पॉटी जैसा प्रेशर फील होता है, उसी दौरान नर्स और डॉक्टर पुश करने के लिए कहते हैं। आपको भी सिर्फ तभी पुश करना चाहिए। इससे पेरिनियम को पूरा सपोर्ट मिलता है और चीरा लगने की संभावना कम हो जाती है।

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अर्ली लेबर के दौरान सिर्फ लेटी ना रहें

डॉक्टर कहती हैं जब आप लेबर के लिए हॉस्पिटल जाती हैं, खासतौर से अर्ली लेबर में, तो सिर्फ लेटी या बैठी ना रहें। आपको इस दौरान हल्की-फुल्की वॉक करते रहना चाहिए। ऐसा करने से आपके पेरिनियम की मसल्स को स्ट्रेंथ मिलती है। इसके अलावा इस पानी भी पीती रहें, ये आपको हाइड्रेट और रिलैक्स रखने में मदद करेगा।

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प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ खास एक्सरसाइज शामिल करें

गाइनेकोलॉजिस्ट सलाह देती हैं कि बिना चीरे या टांके के डिलीवरी चाहती हैं, तो प्रेगनेंसी के दौरान कुछ एक्सरसाइज अपने रूटीन में शामिल कर सकती हैं। उदाहरण के लिए प्रेग्नेंसी के 4-5 महीने से ही कीगल एक्सरसाइज और पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज करना शुरू कर दें। वहीं 7-8 महीने से आप बटरफ्लाई पोज, मालासन और स्क्वॉट होल्ड जैसी एक्सरसाइजेज शुरू कर सकती हैं। ये आपकी पेरिनियम और पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूती देती हैं, जिससे कट के चांस भी काफी कम हो जाते हैं।

डाइट में प्रोटीन जरूर शामिल करें

प्रेग्नेंसी के दौरान आपकी डाइट में प्रोटीन भरपूर होना चाहिए। आप दाल, सोयाबीन, दूध और दूध से बनी चीजें अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं। डॉक्टर कहती हैं कि प्रोटीन से मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और स्किन को इलास्टिसिटी मिलती है। इससे कट लगने की संभावना काफी कम हो जाती है। अगर जरूरत पड़ती भी है तो कट काफी छोटा ही लगाना पड़ता है।

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