लोगों की बुरी नजर और नेगेटिविटी से खुद को कैसे बचाएं? ये 5 आदतें आएंगी आपके काम!
Tips to Protect Yourself from Negativity: सच तो यही है कि आसपास के लोगों की नकारात्मकता ही कहीं ना कहीं हमारे शरीर और दिमाग दोनों असर डालती है। ऐसे में खुद को कैसे सुरक्षित रखें ये जानना बेहद जरूरी बन गया है।

नेगेटिविटी सिर्फ लोगों के व्यवहार और बोलचाल तक ही सीमित नहीं होती। बल्कि इसका सीधा असर हमारे पूरे लाइफस्टाइल पर पड़ता है। धीरे-धीरे ये हमारी मेंटल पीस और एनर्जी को भी इफेक्ट करने लगती है, जिसका असर साफ तौर पर दिखता है। दिन भर बेवजह की थकान होना, मन दुखी रहना, मूड डाउन रहना या किसी काम में मन लगना; नेगेटिविटी के ही कुछ लक्षण हैं, जो फिजिकल हेल्थ के साथ-साथ मेंटल हेल्थ को भी प्रभावित करते हैं। कई लोग इसे 'बुरी नजर' या 'नेगेटिव एनर्जी' से जोड़कर भी देखते हैं। लेकिन सच तो यही है कि आसपास के लोगों की नकारात्मकता ही कहीं ना कहीं हमारे शरीर और दिमाग दोनों असर डालती है। ऐसे में खुद को कैसे सुरक्षित रखें ये जानना बेहद जरूरी बन गया है।
हर चीज पर अपनी प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं है
किसी की बुरी कमेंट, बुरे मूड या बकवास पर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं है। हर चीज आपका रिस्पॉन्स डिजर्व नहीं करती है। क्योंकि जब आप हर बात पर रिएक्ट करने लगते हैं, तो सामने वाले की नेगेटिविटी हमारे अंदर ही जगह बना लेती है। कई बार चुप रहना कमजोरी नहीं, बल्कि खुद को बचाने का सबसे समझदार तरीका होता है।
ओवर शेयर करने से बचें
जो बातें जरूरी नहीं है, हर किसी के साथ शेयर करने से बचें। आप जितना ओवर शेयर करते हैं, उतना ही अपनी एनर्जी को लीक करते हैं और सामने वाले की नेगेटिव एनर्जी को इनवाइट करते हैं। हर कोई आपकी खुशी को उस नजर से नहीं देखता, कुछ लोग अनजाने में ही जलन या नेगेटिव फीलिंग ले आते हैं। इसलिए आपकी फ्यूचर प्लानिंग, फाइनेंशियल प्लान, पर्सनल लाइफ और गोल्स अपने तक ही सीमित रखें।
अपनी बॉडी को सुनें
कई बार किसी इंसान से मिलकर या किसी सिचुएशन में बहुत ऑफ सा फील होने लगता है। अंदर-अंदर ऐसा महसूस होता है जैसे कुछ ठीक नहीं है, बॉडी अजीब सा फील करती है। ऐसे में अपनी बॉडी को सुनें और ऐसी स्थिति या व्यक्ति से दूर रहें।
किसी को जबरदस्ती समझाने की जरूरत नहीं है
कोई इंसान अगर बार-बार समझाने पर भी आपकी बात नहीं समझ रहा है, तो बार-बार उसे समझाने या फोर्स करने की जरूरत नहीं है। इस कोशिश में अक्सर हम अपनी एनर्जी, समय और अपनी मेंटल पीस तीनों खो बैठते हैं। हर इंसान की सोच और समझ का स्तर अलग होता है इसलिए हर कोई हर बात को उसी नजरिए से नहीं देखता, जिससे आप देख रहे हैं। जब आप ये स्वीकार कर लेते हैं कि हर लड़ाई लड़ना जरूरी है , तब खुद को फालतू की नेगेटिविटी और तनाव से बचा पाते हैं।
लोगों के साथ नीचे मत गिरो
कुछ लोग आपको नीचा गिराने के चक्कर में किसी भी हद तक गिर सकते हैं। ऐसे में जरूरी नहीं है कि आप भी उसी स्तर पर गिरें। ऐसा कर के आप लोगों की नेगेटिविटी को और ताकत देते हैं और खुद की मेंटल पीस को भी दाव पर लगाते हैं। ध्यान रखें जवाब में वैसा ही व्यवहार करना सामने वाले को नहीं बल्कि आपको अंदर से कमजोर बनाता है।
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