साउथ इंडियन फूड क्यों है हेल्दी? Fortis के डॉ. शुभम वात्स्य ने बताया सच
आजकल लोग भारी और ऑयली खाने को हेल्दी मान लेते हैं, लेकिन साउथ इंडियन फूड असल में सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है। Fortis के डॉक्टर शुभम वात्स्य के अनुसार, यह भोजन पोषण से भरपूर और पाचन के लिए बेहतरीन है।

आज के समय में लोग स्वाद के चक्कर में भारी, तैलीय और मसालेदार खाने को अपनी डाइट का हिस्सा बना लेते हैं और उसे ही कई बार हेल्दी समझ बैठते हैं। लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि असली पोषण सादे और संतुलित खाने में होता है।
Fortis के डॉक्टर शुभम वात्स्य के अनुसार, साउथ इंडियन फूड एक ऐसी डाइट है जो स्वाद और सेहत का बेहतरीन संतुलन होती है। इडली, डोसा और सांभर जैसे व्यंजन नेचुरल तरीके से फर्मेंटेड होते हैं जिनमें प्रोबायोटिक्स, फाइबर और प्रोटीन भरपूर मात्रा में होते हैं। यह ना सिर्फ पाचन को सुधारते हैं बल्कि शरीर की इम्यूनिटी भी बढ़ाते हैं। कम तेल और ज्यादा पोषण के कारण यह खाना वजन कंट्रोल और गट हेल्थ के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है।
- नेचुरल फर्मेंटेशन: इडली और डोसा का बैटर फर्मेंट किया जाता है। इसका मतलब है कि इसमें अच्छे बैक्टीरिया बनते हैं जो हमारे पेट के लिए बहुत अच्छे होते हैं। यह प्रोबायोटिक फूड की तरह काम करता है और पाचन को बेहतर बनाता है। इससे गैस, एसिडिटी और पेट की समस्याएं कम होती हैं।
- कम तेल, ज्यादा पोषण: साउथ इंडियन खाने की खास बात यह है कि इसमें बहुत कम तेल का इस्तेमाल होता है। इडली स्टीम से बनती है, जिससे उसमें फैट बहुत कम होता है। सांभर में दाल और सब्जियां होती हैं जो फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होती हैं। यह खाना वजन कम करने वालों के लिए भी अच्छा ऑप्शन है।
- हाई फाइबर और प्रोटीन: सांभर में अलग-अलग तरह की सब्जियां और दालें मिलती हैं जिससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। डोसा और इडली में भी प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का अच्छा बैलेंस होता है। यह शरीर को एनर्जी देता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता।
- एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर: साउथ इंडियन खाने में करी पत्ता, सरसों के दाने, इमली और नारियल जैसे तत्व होते हैं। ये सभी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो शरीर को बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं और इम्यूनिटी बढ़ाते हैं।
- गट हेल्थ के लिए बेस्ट: डॉक्टर शुभम वात्स्य बताते हैं कि अच्छी सेहत की शुरुआत पेट से होती है। साउथ इंडियन खाना गट हेल्थ को सुधारता है। जब पाचन सही होता है, तो शरीर बाकी पोषक तत्वों को भी अच्छे से अवशोषित करता है।
- हेल्दी ऑप्शन: डोसा में आलू की स्टफिंग की जगह पनीर का इस्तेमाल कर सकते हैं, यह और भी ज्यादा पोषण से भरपूर होगा। इसके अलावा कम तेल या मक्खन लगाकर इसे पका सकते हैं।
स्वाद और सेहत का मेल!
अगर आप सच में हेल्दी लाइफस्टाइल चाहते हैं, तो साउथ इंडियन फूड को अपनी डाइट में शामिल करें। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को फिट और एक्टिव रखने में भी मदद करता है। इसके अलावा किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए अन्य डॉक्टर से उचित सलाह ले सकते हैं।
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