जन्म के तुरंत बाद नवजात बच्चे को क्यों हो जाता है पीलिया? कैसे पहचानें लक्षण और बचाव के उपाय why does newborn babies have jaundice after birth know here symptoms and cure, हेल्थ टिप्स - Hindustan
More

जन्म के तुरंत बाद नवजात बच्चे को क्यों हो जाता है पीलिया? कैसे पहचानें लक्षण और बचाव के उपाय

जन्म के बाद ज्यादातर नवजात शिशुओं में पीलिया होती है। पीलिया होने पर डॉक्टर बच्चे का फौरन इलाज शुरू कर देते हैं और कई केसेस में ये ऐसे ही सही हो जाता है। चलिए आपको बताते हैं बच्चों को पीलिया क्यों होती है और इसके लक्षण क्या हैं।

Sun, 11 Jan 2026 09:03 AMDeepali Srivastava लाइव हिन्दुस्तान
share
जन्म के तुरंत बाद नवजात बच्चे को क्यों हो जाता है पीलिया? कैसे पहचानें लक्षण और बचाव के उपाय

प्रेग्नेंसी के दौरान ही हर बच्चे की केयर करने के लिए डॉक्टर कई तरह की सलाह देते हैं और हर 3 महीने में होने वाले अल्ट्रासाउंड में बच्चे के शरीर को चेक भी किया जाता है। जैसे बच्चा स्वस्थ है या नहीं, शरीर का हर हिस्सा सही से विकसित हो रहा है, अन्य कोई समस्या तो नहीं है। लेकिन जन्म के बाद ज्यादातर शिशुओं में पीलिया होने की समस्या देखी जाती है। इसका डॉक्टर्स को इलाज भी करना पड़ता है और कई बार अगर पीलिया का सही समय पर इलाज न हो, तो ये जानलेवा साबित हो सकती है। यथार्थ हॉस्पिटल के कंसल्टिंग पीडियाट्रिशियन डॉक्टर सौरभ गुप्ता ने इस बारे में बताया। चलिए बताते हैं नवजात बच्चों को पीलिया क्यों होती है और इसके लक्षण कैसे पहचानें।

क्यों होता है

नवजात बच्चों में पीलिया होने का मुख्य कारण बिलीरुबिन का जमाव होता है, जो खून में लाल कोशिकाओं के टूटने के कारण होता है। आमतौर पर ये तब होता है जब लिवर का पूरी तरह से विकास न हुआ है। जन्म होने के 24 घंटे के अंदर ही पीलिया के लक्षण बच्चे में दिखने लगते हैं। कई बच्चों को पीलिया कम होती है, जो ऐसे ही सही हो जाती है। लेकिन ज्यादा होने पर बच्चे को भर्ती करना पड़ता है। ज्यादातर उन बच्चों को पीलिया होती है, जिनका जन्म समय से पहले हुआ होता है या फिर लिवर डेवलप नहीं होता।

लक्षण क्या होते हैं

- बच्चे की आंखें और जीभ पीली दिखना।

- शरीर और चेहरे की त्वचा का रंग पीला पड़ना

- पेशाब और मल में पीलापन दिखना। नवजात शिशु की यूरिन गहरे पीले रंग में दिखती है।

सही समय पर इलाज

डॉक्टर का कहना है कि जिन बच्चों को कम पीलिया होती है, उन्हें सुबह की धूप दिखाकर भी सही किया जा सकता है। करीब हफ्ते भर तक आप सुबह की धूप में आधे घंटे के लिए बच्चे के हाथ, पैर, पेट खोलकर लेटा दीजिए या गोदी में लेकर बैठें। इससे हल्की पीलिया खत्म हो जाती है लेकिन ज्यादा होने पर फोटोथेरेपी या अन्य इलाज मौजूद है। अगर सही समय पर पीलिया का इलाज न हो तो इसका असर बच्चे के ब्रेन पर जाता है। इस स्थिति को केर्निकटेरस कहा जाता है। जन्म के तुरंत बाद बच्चे की पूरी जांच करवाएं अगर पीलिया के लक्षण दिखते हैं, तो इलाज के लिए फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:आज ही छोड़ें सुबह की ये 5 बुरी आदतें, दिमाग से दिल तक के लिए है खतरा

नोट- यह खबर सामान्य जानकारियों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।