धूप में निकलने से पहले हाथ पर ये नीला डॉट क्यों लगा रहे लोग? फायदा जान आप भी करेंगे! Sujok Color Therapy for Heat Stroke Use This Blue Dot Trick to Stay Safe in Summer, हेल्थ टिप्स - Hindustan
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धूप में निकलने से पहले हाथ पर ये नीला डॉट क्यों लगा रहे लोग? फायदा जान आप भी करेंगे!

Sujok Color Therapy for Heat Stroke: गर्मियों में अगर आपको भी धूप में बाहर निकलना पड़ता है, तो सुजोक कलर थेरेपी आपको जरूर ट्राई करनी चाहिए। सिंपल से दो डॉट आपको लू लगने से बचा सकते हैं।

Fri, 17 April 2026 08:07 PMAnmol Chauhan लाइव हिन्दुस्तान
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धूप में निकलने से पहले हाथ पर ये नीला डॉट क्यों लगा रहे लोग? फायदा जान आप भी करेंगे!

गर्मियों तेज पड़ना शुरू हो गई हैं। आने वाले दिनों में तो और भी भयंकर गर्मी का कहर देखने को मिलेगा। इस दौरान हीट स्ट्रोक की समस्या भी कॉमन हो जाती है, जिसे आम बोलचाल की भाषा में लोग 'लू' लगना भी कह देते हैं। तेज गर्म हवाओं के कारण चक्कर आना, कमजोरी, सिर दर्द, जी मिचलाना और कई बार तो गंभीर स्थिति में बेहोशी जैसे लक्षण भी देखने को मिल जाते हैं। इसलिए जितना हो सके तेज गर्मी में बाहर कम निकलने की ही सलाह दी जाती है। हालांकि फिर भी काम से बाहर तो जाना ही पड़ता है। ऐसे में आप खुद को सेफ रखने के लिए कुछ तरीके फॉलो कर सकते हैं, जिनमें से एक है सुजोक कलर थेरेपी। आइए इसके बारे में डिटेल से जानते हैं।

सुजोक कलर थेरेपी क्या है?

सुजोक कलर थेरेपी एक नेचुरल उपचार पद्धति है, जिसमें हाथों और पैरों के कुछ खास पॉइंट्स पर अलग-अलग रंग लगाकर शरीर को बैलेंस करने की कोशिश की जाती है। इसमें माना जाता है कि हमारे पूरे शरीर का कनेक्शन हाथ और पैर से होता है। वहीं हर रंग का भी अपना खास महत्व होता है। लोग इसमें मार्कर या पेन से खास पॉइंट्स पर बिंदु लगाते हैं, ताकि छोटी-मोटी परेशानियों से राहत मिल सके।

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हीट स्ट्रोक से बचने के लिए करें नीले रंग का इस्तेमाल

सुजोक कलर थेरेपी एक्सपर्ट मोनीषा बताती हैं कि अगर आप गर्मियों में घर से बाहर निकल रहे हैं, तो ये एक छोटा सा काम कर के निकलें। इससे धूप में जाने पर हीट स्ट्रोक की संभावना काफी कम हो जाएगी। आपको इसके लिए नीले रंग का कोई मार्कर लेना है। इससे अपनी इंडेक्स फिंगर यानी पहली उंगली और स्मॉल फिंगर यानी सबसे छोटी वाली उंगली पर एक डॉट बना लें। ये छोटा सा काम गर्मियों में आपको काफी राहत दे सकता है।

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सुजोक थेरेपी में क्यों खास है नीला रंग

सुजोक थेरेपी के अनुसार नीला रंग 'कूलिंग नेचर' का यानी ठंडक देने वाला माना जाता है। जब आप धूप में बाहर निकलते हैं और शरीर की गर्मी बढ़ जाती है, तब ये नीला रंग उस एकस्ट्रा हीट को बैलेंस करने में मदद करता है। यही वजह है कि थेरेपी में किसी और नहीं बल्कि नीले रंग का ही इस्तेमाल किया जाता है।

ध्यान रखने वाली जरूरी बातें

कोशिश करें कि ज्यादा धूप में बाहर निकलना अवॉइड ही करें। सुजोक कलर थेरेपी सिर्फ एक सहायक तरीका है, इसके साथ शरीर को हाइड्रेट रखना और धूप से बचना दोनों जरूरी हैं। अगर बाहर से आने के बाद आपको चक्कर, बुखार, बेहोशी जैसी हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। ये समस्या काफी गंभीर भी हो सकती है।

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नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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