समय रैना को विवाद के बाद आने लगे थे एंग्जायटी अटैक, खाईं नींद की गोलियां! यहां जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके
जिंदगी में अनचाहे बदलाव हो जाए तो दिमाग घबरा जाता है और यही वजह बनती है एंग्जायटी अटैक की। यूट्यूबर समय रैना भी एंग्जायटी से जूझ चुके हैं। आज हम आपको इससे निपटने के तरीके, लक्षण बताने जा रहे हैं।

इंडियाज गॉट लैटेंट से जुड़े विवाद के बाद कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना की जिंदगी पर गहरा असर पड़ा। विवाद के कारण उन्हें शो यूट्यूब से हटाना पड़ा, जिसके लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी। उनका नाम विवाद में घसीट लिया गया और लोगों ने उन्हें काफी खरी-खोटी भी सुनाई। ऐसे में सोशल मीडिया से उनके फॉलोवर्स भी कम हो गए थे। इन सभी चीजों के कारण समय रैना काफी हताश और परेशान हो चुके थे। आलम ये था कि उन्हें एंग्जायटी अटैक आने लगे थे। उन्होंने बताया कि वह नींद की गोलियां खाकर सोते थे, जिससे उन्हें नींद आ जाए।
समय रैना ने बताया कि एक समय ऐसा था जब मुझे लगने लगा था कि मेरा दिल कभी भी चलना बंद हो सकता है। अब समय रैना इससे बाहर आ चुके हैं, उन्होंने सभी चीजों पर काबू पा लिया है और धमाकेदार कमबैक किया है। लेकिन क्या आप जानते हैं एंग्जायटी अटैक कब होता और ये होने पर क्या लक्षण दिखते हैं और बचाव के तरीके क्या हैं? चलिए हम आपको इस आर्टिकल में पूरी जानकारी देते हैं।
क्या होता है एंग्जाइटी अटैक?

सबसे पहले तो जान लीजिए कि एंग्जाइटी अटैक होता क्या है? एंग्जाइटी अटैक ऐसी स्थिति होती है, जब डर या घबराहट दिमाग और शरीर को घेर लेता है। हर बात पर घबराहट होती है, डर लगने लगता है, बेचैनी रहती है। इसका असर दिमाग के साथ शरीर पर भी पड़ता है। आजकल सोशल एंग्जायटी भी लोगों में देखने को मिल रही है। इसमें लोगों को ये डर रहता है कि फॉलोवर्स कम हो जाएंगे, लोग ट्रोल करेंगे, सामने से मिलने पर क्या होगा। इस तरह की घबराहट से दिमाग घिरा रहता है।
लक्षण क्या होते हैं
एंग्जाइटी अटैक होने पर कुछ लक्षण दिखते हैं, अगर आपको ये लक्षण दिखाई देते हैं, तो फौरन डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं-
-दिल की धड़कन तेज होना
-सांस लेने में तकलीफ
-सीने में दर्द या भारीपन
-अचानक पसीना आना
-घबराहट या डर लगना
कारण क्या हो सकते हैं?
समय रैना को एंग्जाइटी अटैक शो से जुड़े विवाद होने के बाद आए। उन्हें पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया, शो के एपिसोड्स डिलीट करवाएं, उनके एडिटर को गिरफ्तार किया गया। इन सभी कारणों की वजह से उन्हें घबराहट होने लगी और यही होता है एंग्जाइटी अटैक का कारण। इसके मुख्य कारण होते हैं-
लंबे समय से चल रहा तनाव
-नींद की कमी
-नकारात्मक सोच
-सामाजिक दबाव या ट्रोलिंग
-इमोशनल ब्रेकडाउन
बचाव करने के तरीके

1- अगर आपको घबराहट, डर लग रहा है या फिर कुछ अच्छा फील नहीं हो रहा है, तो किसी भरोसेमंद इंसान से बात करें या फिर फौरन डॉक्टर की सलाह लें। इसके अलावा कुछ और भी तरीके हैं, जिससे आप एंग्जायटी अटैक से बच सकते हैं-
2- एंग्जाइटी अटैक होने पर शरीर ढीला महसूस होने लगता है, ऐसे में जरूरी है कि आप उसे एक्टिव रखें। इसलिए रोजाना वॉक करें या फिर कुछ एक्सरसाइज करें।
3- ब्रीदिंग एक्सरसाइज या फिर मेडिटेशन करने से भी मन को शांति मिलेगी और आपको एंग्जाइटी अटैक से छुटकारा मिलेगा।
4- नींद भी इसका कारण हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि आप नींद पूरी करें। नींद की गोलियां डॉक्टर के कहने पर ही खाएं।
5- कैफीन और शराब आपकी घबराहट को और ज्यादा बढ़ा सकते हैं। दोनों ही चीजों से दूर रहें। इसकी जगह आप खूब सारा पानी या नारियल पानी पिएं।
5-5-5 रूल करें फॉलो
एंग्जाइटी अटैक को कम करने के लिए 5-5-5 रूल बनाया गया है, जो कई बार फायदेमंद साबित हो चुका है। अगर आप इससे परेशान हैं, तो एक बार इसे करके देखें। इसमें आपको क्या करना है कि 5 सेकेंड तक गहरी सांस लेनी है, फिर अगले 5 सेकेंड तक उसे रोकना है। इसके बाद 5 सेकेंड धीरे-धीरे सांस छोड़ें। ऐसा आपको 5-10 बार करना है। ये तकनीक डॉक्टर की बताई हुई है, इसे ट्राई करके देखें। अन्य किसी भी तरह की समस्या होने पर डॉक्टर से मिलें।
नोट- यह खबर सामान्य जानकारियों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन