दांतों में करवा रखा है root canal, तो ये 4 तरह के टेस्ट जरूर करवा लें, डॉक्टर ने दी सलाह doctor advice if you done root canal must do this 4 taste and checkups, हेल्थ टिप्स - Hindustan
More

दांतों में करवा रखा है root canal, तो ये 4 तरह के टेस्ट जरूर करवा लें, डॉक्टर ने दी सलाह

Post Root Canal Care: दांतों को सड़ने पर उसे पूरी तरह जड़ से उखाड़ने की बजाय दांतों को साफ कर उसमे खास तरह की फिलिंग भर दी जाती है, जिसे रूट कैनाल बोलते हैं। एक बार रूट कैनाल हो जाए तो इसे यूं हीं छोड़ने या बार-बार बदलने की बजाय इन 4 तरह के चेकअप से दातों को हेल्दी रखें।

Sat, 4 April 2026 03:17 PMAparajita लाइव हिन्दुस्तान
share
दांतों में करवा रखा है root canal, तो ये 4 तरह के टेस्ट जरूर करवा लें, डॉक्टर ने दी सलाह

ओरल हेल्थ का ध्यान रखना जरूरी है। खासतौर पर जिसने भी रूट कैनाल करवाया है उसे टाइम टू टाइम कुछ टेस्ट और चेकअप करवा लेने चाहिए। बता दें कि रूट कैनाल सड़े हुए दांतों को बचाने के लिए काफी पॉपुलर ट्रीटमेंट है। जिस किसी के दांतों में कीड़े लग जाते है तो स्टेप बाई स्टेप प्रोसेस को पूरा कर रूट कैनाल किया जाता है। जिसमें दांतों की जड़ों से कीटाणुओं को साफ कर खास तरह की फीलिंग को भरा जाता है। एक बार फिलिंग भरने और कैप लगवाने के बाद काफी सारे लोग ट्रीटमेंट लेना बंद कर देते हैं जबकि डॉक्टर का कहना है कि रूट कैनाल से जुड़ी किसी भी तरह की प्रॉब्लम से बचने के लिए ये चार तरह के टेस्ट जरूर करवा लेने चाहिए।

सीबीसीटी स्कैन (CBCT)

रूट कैनाल करवाने के बाद भले ही किसी भी तरह के दर्द या तकलीफ की समस्या ना हो रही हो उसे भी अगले 3 से 5 साल के अंदर सीबीसीटी स्कैन करवा लेना चाहिए। ये स्कैन आपको दांतों की जड़ों में छिप कर हो रहे नये कीड़े और इन्फेक्शन का पता लगाने में मदद करता है। रूट कैनाल सक्सेजफुल होगा तो सीबीसीटी स्कैन क्लीन होगा।

सीआरपी टेस्ट

दांतों में किसी तरह की इन्फ्लेमेशन ना हो इसे चेक करने के लिए एक सिंपल सा ब्लड टेस्ट करवा लें, जिसे सीआरपी (CRP) टेस्ट बोलते हैं। अगर ये लो है तो मतलब की दांतों की जड़ों में किसी भी तरह की सूजन या इंफ्लेमेशन नहीं है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:क्या आप जानतें हैं शब्दों की हीलिंग पावर? शरीर पर होता है गहरा असर

रूट कैनाल ना निकलवाएं

रूट कैनाल अगर सक्सेजफुल हो जाए तो दस साल तक खराब नहीं होता। इसलिए अगर दांतों में दोबारा से सड़न और कीड़े ना लग रहे हों तो इसे रिमूव करने की गलती ना करें। डॉक्टर के मुताबिक अगर आपके कराए टेस्ट में स्कैन बिल्कुल क्लीन है मतलब किसी भी तरह का इंफेक्शन नहीं दिख रहा। आपका सीआरपी लो है यानी इंफ्लेमेशन नहीं है। दातों में तकलीफ नहीं है और किसी भी तरह के दूसरे छिपे लक्षण जैसे थकान, ब्रेन फॉग नहीं हो रहे तो अपने रूट कैनाल को निकलवाने की गलती ना करें। किसी भी छोटी तकलीफ पर रूट कैनाल को बाहर नहीं निकलवाना चाहिए, पहले इसकी पूरी तरह से जांच करवाएं फिर कोई डिसीजन लें।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कैंसर रोकने की क्षमता रखता है ये हर दिन खाया जाने वाला फूड, डॉक्टर से समझें कैसे

ना करें लापरवाही

काफी सारे लोग दांतों से जुड़े ट्रीटमेंट को एक बार कराने के बाद उसे भूल जाते हैं। जबकि बॉडी में हुए किसी भी इंप्लांटेशन की तरह रूट कैनाल का भी ध्यान रखना जरूरी है। इसीलिए इन सारे टेस्ट और चेकअप से अपने दांतों की हेल्थ का ध्यान रखें।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।