क्या डायबिटीज में बढ़ जाता है हार्ट की बीमारियों का रिस्क? कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया कैसे रखें ध्यान Diabetes can Silently Damages the Heart Cardiologist explains, हेल्थ टिप्स - Hindustan
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क्या डायबिटीज में बढ़ जाता है हार्ट की बीमारियों का रिस्क? कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया कैसे रखें ध्यान

कार्डियोलॉजिस्ट बताते हैं कि जिन लोगों को डायबिटीज होती है, उनमें हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा 4 से 5 गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि डायबिटिक और नॉन डायबिटिक मरीजों में हार्ट की बीमारियां कुछ अलग होती हैं।

Tue, 9 Dec 2025 08:38 AMAnmol Chauhan लाइव हिन्दुस्तान
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क्या डायबिटीज में बढ़ जाता है हार्ट की बीमारियों का रिस्क? कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया कैसे रखें ध्यान

डायबिटीज और हार्ट संबंधी बीमारियां आजकल काफी कॉमन हो गई हैं। दरअसल दोनों पर ही हमारे लाइफस्टाइल का काफी गहरा असर पड़ता है, जिस वजह से खराब खानपान, जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस, सही नींद ना लेना और फिजिकल एक्टिविटीज का अभाव; डायबिटीज और हार्ट रिलेटेड समस्याओं के पीछे की मुख्य वजह बनते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि डायबिटीज और हार्ट हेल्थ दोनों के तार एक दूसरे से जुड़े हुए हैं? कार्डियोलॉजिस्ट डॉ प्रीतेश पंजाबी बताते हैं कि जिन लोगों को डायबिटीज होती है, उनमें हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा 4 से 5 गुना बढ़ जाता है। डॉक्टर कहते हैं कि यही वजह है कि डायबिटिक और नॉन डायबिटिक मरीजों में हार्ट की बीमारियां कुछ अलग होती हैं। आइए इस बारे में विस्तार में जानते हैं।

डायबिटीज के मरीजों में बढ़ जाता है हार्ट की बीमारियों का रिस्क

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ प्रीतेश बताते हैं कि जिन लोगों को डायबिटीज होती है, उनमें हार्ट संबंधी बीमारियां होने का खतरा पहले से ही काफी ज्यादा होता है। इसे मेडिकल टर्म में 'कार्डियोवैस्कुलर इक्विवेलेंस' कहा जाता है। मतलब यदि आपको डायबिटीज है, तो हार्ट की बीमारी होने का चांस बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

डायबिटीज कैसे हार्ट को इफेक्ट करती है?

डॉक्टर बताते हैं कि डायबिटीज होने की वजह से ब्लड वैसल्स पतली और हार्ड होने लगती हैं, जिससे उनकी फ्लेक्सिबिलिटी कम हो जाती है। इस कंडीशन में कोलेस्ट्रॉल और फैटी डिपॉजिट ज्यादा जल्दी जमते हैं, जिससे हार्ट ब्लॉकेज जल्दी बनती है और ब्लड का फ्लो भी धीमा हो जाता है। डायबिटीज के मरीजों में सर्जरी या किसी अन्य प्रॉसिजर के बाद हीलिंग भी काफी देर से होती है।

सर्जरी की ज्यादा होती है जरूरत

डॉ प्रीतेश कहते हैं कि डायबिटीज के मरीजों में मल्टीपल ब्लॉकेज होने के चलते अक्सर एंजियोप्लास्टी और बायपास सर्जरी की जरूरत पड़ती है। इसमें भी इनका आउटकम नॉन डायबिटिक पेशेंट से ज्यादा बेहतर नहीं होता है।

डॉक्टर की सलाह जरूर ध्यान रखें

चूंकि डायबिटीज होने पर हार्ट की बीमारियां का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए कार्डियोलॉजिस्ट सलाह देते हैं कि नियमित चेकअप कराना बेहद जरूरी है। जब भी आप अपनी शुगर चेक कराते हैं, तो नियमित रूप से अपने हार्ट का चेकअप भी कराते रहें। इससे कोई भी बीमारी शुरू होते ही, सही इलाज शुरू किया जा सकता है।

लाइफस्टाइल में करें ये जरूरी बदलाव

अगर आपको डायबिटीज है तो अपने लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव करें। सबसे मेन है कि आपकी डाइट बैलेंस होनी चाहिए। कार्ब्स पूरी तरह बाहर नहीं करने हैं, लेकिन उन्हें प्रोटीन और फाइबर के साथ बैलेंस करना सीखें। इसके अलावा स्ट्रेस कम लें, किसी तरह की फिजिकल एक्टिविटी अपने रूटीन में शामिल करें। खाने के बाद महज 10 मिनट की वॉक भी आपको काफी फायदा दे सकती है। बाकी रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लेना भी ना भूलें।

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