कम उम्र में बढ़ रहे कैंसर के मामले! AIIMS के डॉक्टर ने बताए 5 सुपरफूड्स जो कर सकते हैं बचाव
Cancer Prevention Foods: कैंसर अब युवाओं के बीच भी तेजी से बढ़ रहा है। जाने-माने गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ सौरभ सेठी ने ऐसे 5 फूड्स के बारे में बताया है, जो कैंसर के रिस्क को कम कर सकते हैं। डॉक्टर इन्हें अपनी डेली डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं।

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम ही लोगों में डर बैठाने के लिए काफी है। आजकल तो इसके मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। गंभीर बात ये है कि कैंसर अब युवाओं के बीच भी तेजी से बढ़ रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन खराब लाइफस्टाइल, प्रोसेस्ड फूड, नींद की कमी, स्ट्रेस, फिजिकल एक्टिविटी का अभाव इसके पीछे की कुछ मुख्य वजह हैं। ऐसे में अगर अपने लाइफस्टाइल और खानपान में ही कुछ बदलाव कर लिए जाएं, तो कैंसर के खतरे को काफी कम किया जा सकता है। जाने-माने गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ सौरभ सेठी ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ऐसे 5 फूड्स के बारे में बताया है, जो कैंसर के रिस्क को कम कर सकते हैं। डॉक्टर इन्हें अपनी डेली डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं।
पर्पल स्वीट पोटैटो (बैंगनी शकरकंद)
डॉ सौरभ सेठी बताते हैं कि बैंगनी शकरकंद में एंथोसायनिन नाम का एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होता है, जो इन्फ्लेमेशन और सेल्यूलर डैमेज को कम करने में मदद करता है। कई लैब स्टडीज में पाया गया है कि ये कोलन (आंत) कैंसर सेल की ग्रोथ को भी धीमा करने में मदद कर सकता है। इसका रंग जितना ज्यादा गहरा होगा, उतने ही अधिक एंटीऑक्सीडेंट और सुरक्षात्मक तत्व इसमें मौजूद होंगे।
ब्रोकली स्प्राउट्स और माइक्रोग्रींस
ब्रोकली स्प्राउट्स और माइक्रोग्रींस में भरपूर मात्रा में सल्फोराफेन नामक कंपाउंड मौजूद होता है। ये कंपाउंड डिटॉक्स और एंटीऑक्सीडेंट पाथवे को एक्टिवेट करने में मदद करता है, जिससे शरीर हानिकारक टॉक्सिंस और फ्री रेडिकल्स से लड़ने में सक्षम बनता है। डॉ सौरभ के मुताबिक ब्रोकोली स्प्राउट्स और माइक्रोग्रींस में सल्फोराफेन के प्रीकर्सर्स (यानी बनने वाले तत्व) की मात्रा परिपक्व ब्रोकली की तुलना में 20 से 100 गुना तक ज्यादा हो सकती है। इसलिए इसकी कम मात्रा भी बहुत ज्यादा पावरफुल मानी जाती है।
कीवी है एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर
डॉक्टर के मुताबिक तीसरा सुपरफूड कीवी है, क्योंकि ये विटामिन सी, फाइबर और पॉलीफेनॉल्स से भरपूर होता है। स्टडीज बताती हैं कि नियमित रूप से कीवी का सेवन करने से DNA की सुरक्षा बेहतर होती है और शरीर की एंटीऑक्सीडेंट स्थिति मजबूत होती है, जिससे सेल डैमेज का खतरा कम होता है। इसके अलावा कीवी पाचन के लिए भी बहुत फायदेमंद है। यह डाइजेशन सुधारने और बॉवेल रेगुलैरिटी (मल त्यागने की नियमितता) को बनाए रखने में भी मदद करता है।
रेगुलर ग्रीन टी का सेवन है फायदेमंद
डॉक्टर कहते हैं कि ग्रीन टी में EGCG नामक एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। रिसर्च के मुताबिक ये शरीर में ट्यूमर-सप्रेसिंग पाथवे को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है। कई पॉपुलेशन स्टडीज में पाया गया है कि जो लोग नियमित रूप से ग्रीन टी का सेवन करते हैं, उनमें कैंसर का रिस्क कम होता है। वहीं माचा ग्रीन टी और भी ज्यादा फायदेमंद होती है, क्योंकि उसमें एक्टिव कंपाउंड की मात्रा ज्यादा होती है।
बींस हैं फाइबर से भरपूर
सिर्फ आधा कप बींस में 7-8 ग्राम फाइबर मौजूद होता है। ज्यादातर वयस्कों को दिन भर में लगभग 25-38 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है, लेकिन अक्सर यह कम ही रह जाता है। डॉक्टर कहते हैं कि आपकी डाइट में फाइबर होना बहुत जरूरी है। ज्यादा फाइबर लेने से लोअर कोलोरेक्टल कैंसर का रिस्क कम होता है।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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