क्या इंस्टेंट सूप का रोजाना सेवन वाकई सेहत के लिए सुरक्षित होता है ? पढ़ें डॉक्टर की चेतावनी
बाजार में इस तरह के इंस्टेंट सूप्स को 'हेल्दी', 'लो-फैट' और 'नेचुरल' जैसे भारी-भरकम शब्दों के साथ परोसा जाता है। जो लोगों के मन में एक सेहतमंद होने का भ्रम पैदा करता है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि प्याले में घुली यह सुविधा वाकई आपके शरीर के लिए 'सुरक्षित' है?

Side Effects Of Instant Soup : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, जहां घड़ी की सुइयां हमेशा हमसे आगे दौड़ती हैं, 'इंस्टेंट सूप' बिजी लोगों के लिए एक जादुई विकल्प की तरह उभर रहे हैं। देर रात तक काम करने वाले प्रोफेशनल्स हों, हॉस्टल की मेस से ऊबे छात्र हों या समय की कमी से जूझते लोग- गरमा-गरम प्याले से उठती भाप और 'मिनटों में तैयार' होने का वादा हर किसी को बेहद लुभाता है। बाजार में इस तरह के इंस्टेंट सूप्स को 'हेल्दी', 'लो-फैट' और 'नेचुरल' जैसे भारी-भरकम शब्दों के साथ परोसा जाता है। जो लोगों के मन में एक सेहतमंद होने का भ्रम पैदा करता है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि प्याले में घुली यह सुविधा वाकई आपके शरीर के लिए 'सुरक्षित' है?
एक्सपर्ट ने दी चेतावनी
न्यूट्रिशन की नजर से देखा जाए, तो असल जीवन में सच्चाई इसके विज्ञापन के जितनी चमकदार नहीं होती है। इंस्टेंट सूप को रोजाना की डाइट का हिस्सा बनाना किसी 'साइलेंट हेल्थ रिस्क' से कम नहीं है। जिसकी सबसे खतरनाक वजह-सोडियम का बढ़ता स्तर है। जरा गौर कीजिए, सूप के मात्र एक छोटे से पैकेट में आपके पूरे दिन की जरूरत का 30 से 50 प्रतिशत तक का नमक छिपा हो सकता है। जब आप रोज इसे पीते हैं, तो शरीर में सोडियम का यह 'ओवरडोज' चुपचाप हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोगों और किडनी की गंभीर समस्याओं की नींव रखने लगता है। जिसे हम एक 'लाइट मील' समझ रहे हैं, वह दरअसल प्रिजर्वेटिव्स और कृत्रिम स्वादों का एक ऐसा मिश्रण है, जो लंबे समय में सेहत के समीकरण बिगाड़ सकता है।
सिरदर्द और पाचन से जुड़ी समस्याएं
इंस्टेंट सूप में डाले जाने वाले प्रिजर्वेटिव्स और फ्लेवर बढ़ाने वाले केमिकल्स जैसे MSG, स्टेबलाइजर और आर्टिफिशियल फ्लेवर तय सीमा में सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों के लिए इनका रोजाना सेवन सिरदर्द, पेट फूलना या पाचन से जुड़ी दिक्कतें पैदा कर सकता है।
ब्लड शुगर का खतरा
इंस्टेंट सूप पोषण के मामले में भी अधूरे होते हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर और जरूरी विटामिन-मिनरल्स की मात्रा कम होती है। ज्यादातर इंस्टेंट सूप में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट मौजूद होता है, जिससे ब्लड शुगर जल्दी बढ़ता और गिरता है। जिसका नतीजा यह होता है कि थोड़ी देर बाद ही व्यक्ति को दोबारा भूख लग जाती है।
क्या इंस्टेंट सूप बिल्कुल नहीं पीने चाहिए?
डॉक्टर दीपाली कहती हैं कि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि इंस्टेंट सूप बिल्कुल बंद कर देने चाहिए। व्यक्ति समझदारी के साथ कभी-कभी इनका सेवन कर सकता है जैसे-
-लो-सोडियम या 'क्लीन लेबल' वाले सूप ऑप्शन चुनें।
- सूप में फ्रेश सब्जियां, दाल, टोफू या अंडा मिलाकर प्रोटीन और फाइबर की मात्रा बढ़ा सकते हैं।
-रोजाना पीने के लिए क्रीम वाले सूप के ऑप्शन को लेने से बचें।
क्या है सही विकल्प?
अगर आप अपनी रोजाना की डाइट में सूप शामिल करना चाहते हैं, तो घर पर बने सूप सबसे बेहतर विकल्प होते हैं। ताजी सब्जियां, दाल, देसी मसाले और कम नमक से बना सूप बिना किसी गैर-जरूरी केमिकल के शरीर को हाइड्रेशन, गर्माहट और संतुलित पोषण देता है। इंस्टेंट सूप कभी-कभार खासकर सफर में या इमरजेंसी में पीने सुरक्षित हैं। लेकिन रोजाना इन पर निर्भर रहना सेहत के लिए सही नहीं है। सही मात्रा, लेबल पढ़ने की आदत और थोड़े समझदारी भरे बदलाव इन्हें थोड़ा बेहतर विकल्प बना सकते हैं।
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