40 की हो गईं और हार्मोन असंतुलन से हालत हो गई है खराब, तो अब मानें डायटीशियन की 4 बात
उम्र के साथ शारीरिक बदलाव भी होते रहते हैं। 40 की उम्र होते ही अक्सर महिलाएं हार्मोन से जुड़ी दिक्कतों का सामना करने लगती हैं। अगर 40 की होने के बाद अगर हार्मोन असंतुलन से आपकी हालत खराब हो गई है, तो डायटीशियन की ये 4 बातें मान लें।

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे ही शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। कुछ बदलाव अच्छे होते हैं तो वहीं कुछ परेशान कर सकते हैं। जब महिलाओं की उम्र 40 के पार हो जाती है तो उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसा हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है। यह तब होता है जब शरीर में कुछ हार्मोन की संख्या बढ़ जाती है या फिर कुछ हार्मोन की कमी हो जाती है। 40 के बाद हार्मोन असंतुलन की वजह से अचानक वजन बढ़ना, मूड स्विंग, अनियमित पीरियड्स, हॉट फ्लैशेस की दिक्कत होने लगती है। ये हर महिला की लाइफ में होने वाले नेचुरल बदलाव के संकेत हैं। हालांकि, ये दिक्कतें महिलाओं को परेशान कर सकती हैं। ऐसे में डायटीशियन की ये 4 बात आपकी मदद कर सकती हैं। डायटीशियन-न्यूट्रीशिनिस्ट नमामि ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में महिलाओं को 4 बाते बताई हैं जो नेचुरली हार्मोन बैलेंस करने में मददगार साबित हो सकती हैं।
1) हार्मोन बैलेंस के लिए सीड्स साइकलिंग
सीड्स साइकलिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसकी प्रैक्टिस हार्मोन बैलेंस के लिए सदियों से की जा रही है। इस प्रक्रिया में 1से 14 दिन तक अलसी और कद्दू के बीज खाने होते है। ये बीज एस्ट्रोजन उत्पादन में मदद करते हैं। इसके बाद 15-28 दिन तक तिल और सूरजमुखी के बीज खाने होते हैं। ये प्रोजेस्टेरोन को बढ़ावा देते हैं। इसमें जिंक, लिग्नान, विटामिन ई और सेलेनियम से भरपूर ये बीज हॉर्मोन को संतुलित करने में मदद करते हैं।
2) कैल्शियम और विटामिन डी
जैसे-जैसे एस्ट्रोजन कम होता है, आपकी हड्डियों की डेनसिटी कम होने लगती है। ऐसे में मजबूत हड्डियों और स्थिर हॉर्मोन के लिए कैल्शियम और विटामिन डी को रूटीन में शामिल करें। तिल, रागी, बादाम, दही जैसी कैल्शियम युक्त खाने की चीजें खाना अच्छा है। सुनिश्चित करें कि आपका विटामिन डी का लेवल सही रहे।
3) रोजाना व्यायाम
मेटाबॉलिज्म और मूड को बेहतर बनाने के लिए दिन में 30-45 मिनट की एक्टिविटी जरूरी है। ऐसा करने पर कोर्टिसोल लेवल नियंत्रित होता है। ये सूजन को कम कर सकता है। इसके अलावा इंसुलिन सेंसटिविटी में भी सुधार हो सकता है। जब आप रोजाना एक्सरसाइज करते हैं तो नींद और चिंता को कम करने में मदद मिल सकती है।
4) प्रोटीन को प्राथमिकता दें
एक्पर्ट कहती हैं कि 40 के बाद मांसपेशियों को तेजी से खो देते हैं, जिससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और फैट ज्यादा बढ़ता है। इसलिए पनीर, टोफू, दही, दाल, नट्स, अंडे, बीज जैसे हाई क्वालिटी वाले प्रोटीन को हर खाने में शामिल करें।
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