April Fool's 2026: कैसे हुई अप्रैल फूल मनाने की शुरुआत, जानें क्यों चुनी गई पहली तारीख April Fools 2026 How did April Fool Day begin Know History origin and why the April 1 was chosen, लाइफस्टाइल - Hindustan
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April Fool's 2026: कैसे हुई अप्रैल फूल मनाने की शुरुआत, जानें क्यों चुनी गई पहली तारीख

अप्रैल फूल 1 अप्रैल को मनाया जाने वाला एक हंसी-मजाक का त्योहार है। जिसमें अक्सर लोग एक दूसरे पर हल्के-फुल्के प्रैंक या सरल शब्दों में कबें तो दूसरों को बेवकूफ बनाते हैं। इस आर्टिकल में जानते हैं। कैसे हुई अप्रैल फूल मनाने की शुरुआत और क्यों चुनी गई पहली तारीख।

Wed, 1 April 2026 02:35 AMAvantika Jain लाइव हिन्दुस्तान
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April Fool's 2026: कैसे हुई अप्रैल फूल मनाने की शुरुआत, जानें क्यों चुनी गई पहली तारीख

अप्रैल महीने की पहली तारीख में अप्रैल फूल मनाया जाता है। यह एक ऐसा दिन है जब लोग एक-दूसरे के साथ प्रैंक करते हैं और उन्हें बेवकूफ बनाने की कोशिश करते हैं। जब भी कोई व्यक्ति सामने वाले के मजाक के झांसे में आ जाता है, तो मजाक करने वाला चिल्लाकर कहता है 'अप्रैल फूल'। सालों से लोग इस दिन को इसी तरह से मनाते हुए आ रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कैसे हुई अप्रैल फूल मनाने की शुरुआत और क्यों इस दिन के लिए चुनी गई पहली तारीख? नहीं तो इस आर्टिकल में जानिए।

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कैसे हुई उस दिन को मनाने की शुरुआत

1) अप्रैल फूल मनाने सभी को पसंद होता है, लेकिन असल में इसकी शुरुआत कब और कैसे हुई इसकी सटीक जानकारी नहीं है। कुछ इतिहासकार इस दिन को एक फेमस रोमन त्योहार हिलारिया से जोड़ते हैं, जो मार्च के अंत में देवी साइबेले के सम्मान में मनाया जाता था। इसमें लोग लेटेस्ट स्टाइल कपड़े पहनकर साथी लोगों का मजाक उड़ाते थे।

2) अप्रैल फूल डे की मूल शुरुआत अज्ञात है, लेकिन कई इतिहासकारों का मानना ​​है कि इसकी उत्पत्ति 1582 में हुई थी जब फ्रांस ने जूलियन कैलेंडर से ग्रेगोरियन कैलेंडर में परिवर्तन किया था।

क्यों एक अप्रैल को मनाया जाता है ये दिन?

कहा जाता है कि अप्रैल फूल की शुरुआत 1582 में हुई थी, जब फ्रांस ने ग्रेगोरियन कैलेंडर को अपनाया गया था। इसमें नए साल को 1 अप्रैल से बदलकर 1 जनवरी कर दिया। बहुत से लोग इस बात को तुरंत समझ गए लेकिन जो लोग इस बात को समझने में देर कर रहे थे और पहली अप्रैल में ही जश्न मनाते रहे, वे मजाक का पात्र बन गए और उन्हें 'अप्रैल फूल' कहा जाने लगा।

अप्रैल फूल से जुड़ी बातें

ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी जगहों पर अप्रैल फूल के दिन की शरारत दोपहर से पहले ही की जानी चाहिए। दोपहर के बाद शरारत करना अशुभ माना जाता है, और शरारत करने वाला ही ‘अप्रैल फूल' बन जाता है।

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