सबसे ज्यादा सरस्वती और लक्ष्मी की पूजा हम करते हैं, लेकिन...; सीएम सोरेन ने पूछा- हम 'विश्वगुरु' कैसे बनेंगे?
सोरेन ने कहा कि हमने संकल्प लेकर लोगों के लिए प्रथमिकताएं तय की हैं। हर नागरिक की समाजिक सुरक्षा, हर घर तक भरपेट भोजन, बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और सभी के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन आज सदन में कहा कि सबसे अधिक सरस्वती पूजा हम ही करते हैं, लेकिन प्रतिभाशाली लोग विदेशों में हैं। साथ ही कहा कि सबसे अधिक लक्ष्मी पूजा भी हम ही करते हैं, फिर भी संपन्नता विदेशों में दिखाई देती है। आखिर कहीं न कहीं कुछ तो गड़बड़ है। सोरेन ने भोजनावकाश के बाद सदन में कहा कि 'यहां कहा जाता है, ये पूजा करो, वो पूजा करो, लेकिन पढ़ाई की बात कम होती है। ऐसे में समझ नहीं आता कि हम 'विश्वगुरु' कैसे बनेंगे।'
सोरेन ने विधानसभा में कहा कि ‘राज्य में डबल इंजन की सरकार नहीं, बल्कि सिंगल इंजन की सरकार है और कितनी मजबूती और दृढ़ता के साथ हम लोग लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा कर रहे हैं वह किसी से छुपा नहीं है। आज पूरा राज्य शांत सौहार्दपूर्ण वातावरण में चल रहा है। मेरा यह मानना है दृष्टि स्पष्ट हो, संकल्प दृढ़ हो तो सीमित संसाधनों में भी कई असंभव चीजों को संभव करके दिखाया जा सकता है।’
'हर नागरिक को बेहतर सुविधाएं देना हमारा लक्ष्य'
सोरेन ने कहा कि 'इसी का संकल्प लेकर हमलोगों ने प्रथमिकताएं तय की हैं। हर नागरिक की समाजिक सुरक्षा, हर घर तक भरपेट भोजन, बच्चों को गुणवत्ता शिक्षा और सभी के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं। यह सभी किसी भी सरकार के लोक कल्याणकारी सरकार मूल धर्म होता है। हम इस मार्ग पर चलते हुए यहां तक पहुंचे हैं। सोरेन ने कहा कि गठबंधन की सरकार काम कर रही है। आज झारखंड के कार्यों की चर्चा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी है।
'झारखंड के बजट में छह साल में 85 प्रतिशत की वृद्धि'
सोरेन ने कहा कि जब हमें इस राज्य का सेवा करने का मौका मिला उस समय झारखंड का बजट 86 हजार करोड रुपए का था, आज यह बजट बढ़कर 1 लाख 58 करोड़ रूपए हो गया है। 6 साल में लगभग 85% की वृद्धि हुई है। यह हमारे लिए सिर्फ आंकड़ा नहीं है, बल्कि सरकार के काम करने का और बेहतर प्रबंधन का तरीका है, जिससे हमारे आत्मविश्वास को बल मिलता है और इसी आत्मविश्वास के साथ हम लोग अभी आगे बढ़ रहे हैं।
'झारखंड झुका नहीं है झारखंड आगे बढ़ता रहेगा'
सोरेन ने कहा कि हमारे वित्तीय प्रबंधन का जिक्र हम आपको नहीं बता रहे बल्कि नीति आयोग भी हमारे वित्तीय प्रबंधन बेहतर मानता है। जहां 2018 में हम तेरहवें स्थान पर थे, आज तीसरे स्थान पर हैं। इतनी तेजी से इन परिस्थितियों में चीजों को खींचकर एक मुकाम तक पहुंचाना, कितना चुनौती भरा होता है। खासकर झारखंड जैसे राज्य में जहां 80% लोग ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं। इसलिए हमने पहले भी कहा है कि हम जो कहते हैं वह करते हैं। इसी के कारण आत्मविश्वास के साथ की यही कह सकता हूं झारखंड झुका नहीं है झारखंड आगे बढ़ता रहेगा।
आगे उन्होंने कहा, ‘हमारे सरकार में आने से पहले राज्य में लगभग 12-13 लाख लोगों को पेंशन दी जाती थी, कभी समय पर, कभी बेसमय। लेकिन मैं बताना चाहूंगा हमारी सरकार के द्वारा सर्वजन पेंशन योजना लागू कर 36 लाख लोगों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।’
'महिलाएं लेने लगीं खुद निर्णय'
सोरेन ने कहा कि ‘आज झारखंड की महिला लाभ ले रही लाभार्थी नहीं है बल्कि आज वह एक निर्णय लेने वाली महिला बन गई है। कई अलग-अलग तरह की योजनाओं के माध्यम से सशक्त हो रही है। यह सब देख कर सुकून मिलता है कि आज की यह सरकार है जिसमें एक परिणाम भी दिख रहा है और आने वाले कल में आपको एक बड़ा बदलाव भी देखने को मिलेगा। योजनाएं मिल का पत्थर साबित होंगी। आने वाले समय में कई नई ऐसी चीजों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।’




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