The Gulf War has left thousands of families in Jharkhand in a state of limbo खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध से झारखंड के हजारों परिवारों की सांसे अटकीं, काम करने गए लोग अभी भी फंसे, Jharkhand Hindi News - Hindustan
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खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध से झारखंड के हजारों परिवारों की सांसे अटकीं, काम करने गए लोग अभी भी फंसे

इनमें श्रमिक, ड्राइवर, तकनीशियन, नर्स, होटल कर्मी और अन्य सेवा क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हैं। युद्ध की खबरों के बीच झारखंड में रह रहे उनके परिजन आशंका और डर के साए में जी रहे हैं।

Mon, 2 March 2026 01:11 PMRatan Gupta हिन्दुस्तान, रांची
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खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध से झारखंड के हजारों परिवारों की सांसे अटकीं, काम करने गए लोग अभी भी फंसे

खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध ने झारखंड के हजारों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में लोग वर्षों से खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं। इनमें श्रमिक, ड्राइवर, तकनीशियन, नर्स, होटल कर्मी और अन्य सेवा क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हैं। युद्ध की खबरों के बीच झारखंड में रह रहे उनके परिजन आशंका और डर के साए में जी रहे हैं।

दुबई, कतर, ईरान, ओमान, तेहरान में फंसे सैंकड़ो लोग

गिरिडीह के कई लोग कतर और दुबई में फंसे हैं। जपला के तीन बच्चे, दो महिला समेत आठ लोग ईरान में फंसे हैं। इसके अलावा लोहरदगा के व्यवसायी अमित कुमार दुबई में अपने रिश्तेदार के साथ फंसे हैं। वहीं हजारीबाग जिले के चरही, चौपारण और हजारीबाग के छात्र समेत सैकड़ों लोग दुबई, कतर, ईरान, ओमान, तेहरान में फंसे हैं। कोडरमा जिले के लोग भी फंसे हुए हैं। मरकच्चो निवासी अंसार आलम ने बताया की उनके परिवार के आधा दर्ज़न लोग बहरीन में हैं। हाज़रा खातून के पुत्र भी दुबई में काम करते हैं। हारून शेख के दो पुत्र दुबई में हैं।

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इंटरनेट बंद होने से संपर्क टूटा

गौरतलब है कि सुरक्षा कारणों से कई देशों में इंटरनेट सेवाएं बंद या सीमित कर दी गई हैं। ऐसे में वीडियो कॉल के जरिए बातचीत लगभग ठप हो गई है। कई परिवारों का कहना है कि घंटों कोशिश के बाद भी संपर्क नहीं हो पा रहा, जिससे बेचैनी और बढ़ गई है। हालांकि कुछ प्रवासी कामगारों ने फोन कॉल या संदेश के माध्यम से अपने घरवालों को भरोसा दिलाया है कि वे फिलहाल सुरक्षित हैं।

वहां मौजूद लोगों के अनुसार माहौल तनावपूर्ण है। जगह-जगह सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ है और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

गांवों में हो रही सलामती की दुआएँ

इधर, झारखंड के गांवों और कस्बों में परिवार अपने प्रियजनों की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। लोग एक-दूसरे से हालचाल ले रहे हैं और हर नई खबर पर नजर बनाए हुए हैं। प्रवासियों का कहना है कि वे सरकार की गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं और आगे की स्थिति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।