अधूरी तैयारी के साथ मुद्दों को आगे बढ़ाना सही नहीं : कल्पना
रांची की विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को उठाना सही नहीं है। उन्होंने महिला आरक्षण से संबंधित 131वें संविधान संशोधन के बारे में बात की, जो जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा। चुनावों के समय बिना तैयारी इस मुद्दे को उठाना राजनीतिक रणनीति लगती है।

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा है कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन अधिकार के नाम पर राजनीति करना और अधूरी तैयारी के साथ मुद्दों को आगे बढ़ाना, यह देश के लोकतंत्र के साथ न्याय नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल पहले ही 2023 में पारित हो चुका है, जिसमें साफ तौर पर जनगणना और परिसीमन के बाद ही इसे लागू करने की बात कही गई थी। फिर आज, जब कई राज्यों में विधानसभा के चुनाव हैं, बिना तैयारी और बिना प्रक्रिया पूरी किए इस मुद्दे को फिर से उठाना समझ से परे है।
क्या यह सच में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए है या सिर्फ एक राजनीतिक रणनीति? कल्पना ने कहा कि सच्चाई तो यह है कि पक्ष और विपक्ष, दोनों जानते थे कि क्या होने वाला है। लेकिन जब बहुमत नहीं मिला, तो इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देना पहले से तय लगता है। वैसे भी महिलाओं का अधिकार कोई चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और जिम्मेदार प्रक्रिया है, जिसे ईमानदारी, डेटा और स्पष्ट नीयत के साथ लागू किया जाना चाहिए।
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