विपक्ष की मानसिकता महिला विरोधी : जदयू
रांची में नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक के खिलाफ विपक्षी दलों के मतदान की जदयू ने निंदा की है। पार्टी प्रवक्ता ने इसे लोकतंत्र का काला अध्याय बताया। विधेयक का समर्थन करने के लिए तीन दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन किया गया, लेकिन विपक्ष ने इसे गिराने का प्रयास किया।

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक के विरोध में विपक्षी दलों (कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके एवं सपा) के मतदान की जदयू ने निंदा की है। पार्टी प्रवक्ता सागर कुमार ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि लोकतंत्र एवं संसदीय इतिहास में यह काले अध्याय के तौर पर सामने आया है। विधेयक को पारित कराने के लिए तीन दिवसीय विशेष सत्र आहूत कर राजनीतिक दलों से दलीय भावना से ऊपर उठ इसके समर्थन का आग्रह किया गया। बीस घंटे से अधिक की चर्चा के बावजूद विपक्ष ने विधेयक गिराने का काम किया। यह उनके महिला विरोधी मानसिकता का प्रतिबिंब है।उन्होंने
कहा कि विपक्ष ने देश की आधी आबादी के विकास, उन्नयन एवं सशक्तिकरण में बाधा पहुंचाने का कार्य किया है। महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने वाले राजनीतिक दल इतिहास बन कर रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने महिलाओं को स्थानीय निकाय, पंचायती राज में 50% आरक्षण देने का काम किया। बिहार पुलिस एवं बिहार सरकार अंतर्गत नौकरियों में 35% आरक्षण दिया, तब लालू प्रसाद ने इसे गैर जरूरी बताया था। इसका खामियाजा वह स्वयं एवं उनकी पार्टी आज तक भुगत रही है। उसी तरह विधेयक का विरोध करने वाले राजनीतिक दल अपने राज्यों और देश में एक इतिहास बन कर रह जाएंगे। देश की सत्तर करोड़ महिलाएं आगामी चुनावों में इन दलों को मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ेगी।
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