मृतक के परिवार को ढाई माह बाद भी नहीं मिला मुआवजा
बेड़ो के वज्रपात पीड़ित युवक संजय उरांव के परिवार को सरकार की ओर से मुआवजा नहीं मिला है। 31 मार्च को वज्रपात से उसकी मौत हुई थी, जिससे परिवार आर्थिक संकट में है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से जल्दी सहायता राशि देने की मांग की है।

बेड़ो, प्रतिनिधि। प्रखंड के रोगाडीह पतराटोली गांव निवासी वज्रपात पीड़ित युवक संजय उरांव के परिवार को घटना के ढाई माह बीत जाने के बाद भी सरकारी मुआवजा नहीं मिल पाया है। इससे पीड़ित परिवार की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रखंड एवं जिला प्रशासन से शीघ्र सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है। 31 मार्च को वज्रपात की चपेट में आने से हुई थी मौत:
मृतक संजय उरांव की कहानी
पंचायत के मुखिया वीरेंद्र भगत, उपमुखिया जितिया उरांव और सामाजिक कार्यकर्ता पारसनाथ ने बताया कि 31 मार्च को विशु शिकार के समापन अवसर पर बेड़ो और लापुंग थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित घघारी मेला टांड़ में वज्रपात की घटना हुई थी। इस दौरान 18 वर्षीय संजय उरांव, पिता विशु उरांव, इसकी चपेट में आ गया था। वज्रपात इतना तेज था कि उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
परिवार की आर्थिक स्थिति
मृतक संजय उरांव के माता-पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटे की असामयिक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद उन्हें उम्मीद थी कि सरकार की ओर से आपदा राहत मद के तहत मिलने वाली सहायता राशि जल्द मिलेगी, लेकिन अब तक उन्हें कोई आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं हुई है।
मुआवजे की मांग
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ित परिवार को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने का स्पष्ट प्रावधान है। ऐसे में संजय उराव के परिवार को भी नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को कुछ राहत मिल सके और उन्हें वर्तमान संकट से उबरने में सहायता मिले।
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