बेचते थे बच्चों के अंग, कराते थे देह व्यापार; रांची पुलिस के सनसनीखेज खुलासे
रांची पुलिस ने अंश और अंशिका की बरामदगी के बाद बच्चों की चोरी करने वाले एक खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश किया है। जांच में पता चला है कि बंगाल का सूरज रवानी गिरोह का बच्चा खरीददार है जो मासूमों के अंगों तक का सौदा करता है।

रांची के जगन्नाथपुर इलाके से दो जनवरी को अगवा अंश-अंशिका की रामगढ़ जिले से बरामदगी के बाद रांची पुलिस ने बच्चों को अगवा करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का रविवार को पर्दाफाश किया। पुलिस जांच में पता चला है कि पश्चिम बंगाल के पुरुलिया का सूरज रवानी चोरी हुए बच्चों का बड़ा खरीदार है। वह गुलगुलिया गिरोह से बच्चों को खरीदता है और भीख मंगवाता है। यही नहीं वह बच्चों के अंगों का सौदा भी करता है।
कई बच्चों के ऑर्गन को बेचा
पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि झारखंड से चोरी हुए कई बच्चों के अंगों (ऑर्गन) को बेचा गया है। पश्चिम बंगाल के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश में भी चोरी हुए बच्चों की बिक्री की गई है। रवानी इन बच्चों से मोबाइल और घरों में चोरी करवाता है। बच्चियों के थोड़ा बड़ा होने पर उनसे देह व्यापार भी कराया जाता है। सूरज रवानी बच्चों के अंगों का भी सौंदा करता है।
बच्चों के अंगा बंगाम में सौदा
एसएसपी राकेश रंजन के मुताबिक, चोरी किए गए बच्चों के ऑर्गन बंगाल में बेचने की बात सामने आई है। पुलिस की स्पेशल टीम इसकी जांच में जुट गई है। इस तरह का गोरखधंधा करने वाले गिरोह में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। एसएसपी का कहना है कि जल्द ही पुलिस की स्पेशल टीम जांच के लिए पश्चिम बंगाल जाएगी। एसएसपी ने बताया कि अंश-अंशिका की तलाश में सीआईडी के अलावा कई एनजीओ से भी सहयोग लिया गया था।
बैलून बेचने के बहाने बच्चों की करते हैं रेकी
पुलिस के अनुसार, गुलगुलिया गैंग हाट बाजार और गली-मुहल्लों में बैलून बेचने और स्लम क्षेत्रों में कचरा चुनता है। इस धंधे की आड़ में बच्चों की रेकी करते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को बैलून आदि देकर उन्हें अगवा कर लेते हैं। जगन्नाथपुर खटाल के अंश और अंशिका के साथ भी नव खेरवार उर्फ सूर्य और सोनी ने ऐसा ही करके दोनों को अगवा किया था। पुलिस के मुताबिक, गुलगुलिया गैंग रांची समेत देश के करीब हर शहर में अपना डेरा जमाये हुए हैं।
ऑर्गन बेचने और देह व्यापार का खेल
पुलिस को जांच में पता चला है कि बच्चों का अपहरण करने वाला गुलगुलिया गैंग तीन लेयर में काम करता है। सबसे पहले रेकी और बच्चों को अगवा किया जाता है। इसके बाद बच्चे को लेकर दूसरे राज्य में लेकर चला जाता है। अंत में उनके ऑर्गन की खरीद-फरोख्त करता है। अगवा की गई 12 या 13 साल तक की लड़कियों को सीधे देह व्यापार में धकेल दिया जाता है।
कुजू और सिल्ली से बरामद हुए बच्चे
अंश और अंशिका के अपहरणकर्ता नव खेरवार और सोनी को रिमांड पर लेकर रांची पुलिस ने पूछताछ की। दोनों ने पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सबसे पहले रिंग रोड से आरोपी प्रमोद, आशिख, विरोधी और राज रवानी को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर रामगढ़ के कोठार एंथोनी को दबोचा गया। कुजू और सिल्ली के अलावा लातेहार से पुलिस ने चोरी हुए बच्चों को भी बरामद किया।




साइन इन