Severe Heatwave Hits Ramgarh Temperatures Soar to 43 C Businesses Suffer गर्मी का कहर: धूप से जनजीवन बेहाल, शीतल पेयों की बढ़ी मांग, Ramgarh Hindi News - Hindustan
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गर्मी का कहर: धूप से जनजीवन बेहाल, शीतल पेयों की बढ़ी मांग

रामगढ़ में इस समय प्रचंड गर्मी का सामना किया जा रहा है। तापमान 42-43 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, जिससे लोग घरों में कैद हो रहे हैं। दुकानदारों की बिक्री में गिरावट आई है, और ग्राहक गर्मी के कारण बाहर नहीं निकल रहे हैं। लोग पारंपरिक पेयों की ओर बढ़ रहे हैं और स्वास्थ्य के प्रति चेतावनी जारी की गई है।

Tue, 21 April 2026 11:19 PMNewswrap हिन्दुस्तान, रामगढ़
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गर्मी का कहर:  धूप से जनजीवन बेहाल, शीतल पेयों की बढ़ी मांग

​रामगढ़, नगर प्रतिनिधि। जिले में इन दिनों प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। चिलचिलाती और प्रचंड गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से तापमान में हो रही लगातार बढ़ोतरी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तापमान 42- 43 सेल्सियस बढा रहता है। तापमान और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। आलम यह है कि सुबह के दस बजते ही सूर्य की तपिश असहनीय होने लगती है और दोपहर होते-होते सूर्य देवता के तल्ख तेवर लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर रहे हैं। गर्मी का सीधा असर शहर के व्यवसाय पर दिख रहा है।

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जिन सार्वजनिक स्थलों और बाजारों में सुबह से रौनक रहती थी। वहां अब दोपहर में सन्नाटा पसरा रहता है।​ स्थानीय दुकानदारों और होटल व्यवसायियों का कहना है कि कड़ी धूप के कारण ग्राहक घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। होटल संचालक गौतम केशरी बताते है कि बिक्री में गिरावट होने से व्यापार पूरी तरह मंदा हो गया है। केवल सुबह और देर शाम को ही कुछ देर के लिए चहल-पहल दिखती है। जिससे छोटे-बड़े सभी व्यापारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।​​गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अब आधुनिक कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय पारंपरिक और देसी शीतल पेयों का सहारा ले रहे हैं। रास्ते पर दिखने वाले ठेला आदि पर लोग जुटने लगे है। सत्तू विक्रेता कृष्णा शर्मा बताते है, बजार में बोतल बन्द कोलड्रिंक, पेप्सी, जीरा आदि की बिक्री होने के बावजूद पेट को ठंडक पहुंचाने वाले सत्तू की डिमांड सबसे अधिक है। लू से बचने के लिए लोग कच्चे आम के पन्ने आम झोरा का भी सेवन कर रहे हैं।​इसके अलावा शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए बेल शरबत की दुकानों पर खासी भीड़ देखी जा रही है। जनरल फिजिशियन डॉक्टर सीवी चतुर्वेदी बताते कि सुबह दस के बाद​ दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप की तीव्रता सबसे अधिक रह रही है। जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। चिकित्सकों की ने सलाह है कि धूप में बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी भी जारी किए गए है।

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