उमस भरी गर्मी में अनियमित बिजली आपूर्ति बनी आफत, लोग परेशान
पलामू जिला में उमस भरे गर्मी और बिजली की अनियमित आपूर्ति से लोग परेशान हैं। मेदिनीनगर में 24 घंटे के अंदर केवल 20 घंटे बिजली मिल रही है, जबकि ग्रामीणों को 10 से 12 घंटे लोड शेडिंग का सामना करना पड़ रहा है। इससे आम लोगों और व्यवसायियों के लिए जीवन कठिन हो गया है।

मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। पलामू जिला में उमस भरे गर्मी से लोगो को जीना मुहाल हो गया है। सुबह से लेकर शाम तक दिन भर तपती धूप और उमस भरे गर्मी से लोगो में परेशान हैं वही दूसरी ओर जिले में बिजली की अनियमित आपूर्ति लोगो की जीना मुहाल कर रखा है। जिले में शहर से लेकर गांव तक बिजली की कटौती से परेशानी बढ़ गई है। जिला मुख्यालय मेदिनीनगर शहर में 24 घंटे में मुश्किल से 20 घंटा बिजली की आपूर्ति हो रही है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति गंभीर बना हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 12 घंटा तक लोड शेडिंग किया जा रहा है। कई क्षेत्रों में 5 से 8 घंटा ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा शहरों में लाइन मेंटेनेंस के नाम पर भी शहर के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति तीन से चार घंटे तक बाधित किया जा रहा है। प्री मानसून की हल्की आंधी और बूंदा-बांदी के बाद घंटों ब्रेकडाउन के नाम पर भी बिजली काट दी जा रही है। इसके कारण आम लोगो के साथ व्यवसायी वर्ग के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है。
बिजली की आवश्यकता और स्थिति
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के मेदिनीनगर डिवीजन सह छतरपुर डिवीजन के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार ने बताया कि पलामू जिला में पिक आवर में पलामू जिला में सामान्यतः 150 मेगावाट बिजली की जरूरत है लेकिन पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के कारण लोड शेडिंग करना पड़ रहा है। शहरी क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए हमेशा कोशिश कर रहे हैं हालांकि अत्यधिक लोड बढ़ने के कारण कुछ समय के लिए लोड शेडिंग करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोटेशन के आधार पर बिजली आपूर्ति करने की कोशिश कर रहे हैं। बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण शहरी क्षेत्र के अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में इसका प्रभाव ज्यादा पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के वेल्डिंग, आटा चक्की छोटे छोटे उद्यमी, गर्मी में शीतल पेय पदार्थ रखने वाले व्यवसायियों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हर दिन दोपहर और शाम के समय बिजली की कटौती से लोग परेशान हैं। घर में बंद घरेलू महिलाओं और बुजुर्गों की ज्यादा परेशानी हो रही है। सुबह और शाम में बिजली नहीं रहने के कारण पानी की किल्लत हो जा रही है। बेसमय बिजली कटौती से पानी टंकी खाली रह जा रही है। शहरों में वाटर सप्लाई सिस्टम से भी पानी को पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रहा है।
सामाजिक और व्यावसायिक प्रभाव
मेदिनीनगर शहर के व्यवसायी दिनेश सिंह ने कहा कि उमस भरे गर्मी के साथ बिजली की कटौती से परेशानी बढ़ गया है। बिजली नहीं रहने पर दुकानों में गर्मी से बैठना मुश्किल हो गया है। कभी ब्रेकडाउन तो कभी लाइन मेंटेनेंस के नाम पर बिजली को बाधित किया जा रहा है। इसके कारण परेशानी बढ़ी हुई है। इनवर्टर भी जवाब देने लग रहा है। मेदिनीनगर शहर निवासी शिक्षिका निवेदिता पांडेय ने बताया कि शाम के समय में ही बिजली काट दी जा रही है। घरेलू काम के साथ बच्चों को पढ़ाई भी बाधित हो जा रहा है। गर्मी से बचने के लिए छत पर जाना पड़ रहा है। रात में भी कई बार बिजली की कटौती की जा रही है। अनिश्चित बिजली आपूर्ति से परेशान हो गए हैं।
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