झारखंड ऊर्जा विकास निगम बिजली आपूर्ति को लेकर सख्त, बिजली शटडाउन बगैर अनुमति नहीं
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने राज्यभर में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के लिए सख्त निर्देश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि अब बिना अनुमति के फीडर शटडाउन लेने पर रोक रहेगी और बिजली आपूर्ति बाधित करने वाले मामलों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने राज्यभर में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के लिए सख्त निर्देश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि अब बिना अनुमति के फीडर शटडाउन लेने पर रोक रहेगी और बिजली आपूर्ति बाधित करने वाले मामलों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। यह आदेश झारखंड ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी सह जेबीवीएनएल एमडी के श्रीनिवासन के निर्देश पर निदेशक (वितरण एवं परियोजना) प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने जारी किया है।
सभी कार्यपालक और सहायक अभियंताओं को जारी निर्देश में कहा गया है कि आकस्मिक स्थिति को छोड़कर जिला या प्रमंडल मुख्यालय में स्थित विद्युत शक्ति उपकेंद्र से फीडर का शटडाउन संबंधित विद्युत कार्यपालक अभियंता के अनुमति के बाद ही लिया जा सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में शटडाउन मॉनिटरिंग अनिवार्य
जिला एवं प्रमंडल मुख्यालयों में फीडर शटडाउन केवल संबंधित विद्युत कार्यपालक अभियंता की अनुमति से ही लिया जा सकेगा, जबकि अनुमंडल स्तर पर यह अधिकार सहायक विद्युत अभियंता को दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी शटडाउन की मॉनिटरिंग अनिवार्य कर दी गई है।
2-3 बार ही होगा शटडाउन
जेबीवीएनएल ने स्पष्ट किया है कि दिनभर में केवल 2 से 3 बार ही 15 से 20 मिनट के सीमित समय के लिए शटडाउन लिया जाएगा। दो शटडाउन के बीच कम-से-कम किसी भी फीडर के शटडाउन के बीच 4 से 5 घंटे का अंतराल रखना होगा, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर और लगातार बिजली मिल सके। इसके अलावा लाइन मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरणों के उपयोग, मानवबलों के प्रशिक्षण कार्यक्रम और सभी विद्युत सब-स्टेशनों की नियमित साफ-सफाई एवं समुचित लाइटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है। अनुमंडल या अवर प्रमंडल स्तर पर उपकेंद्र से फीडर के शटडाउन की अनुमति सहायक विद्युत अभियंता देंगे।
● ग्रामीण क्षेत्रों में फीडर के शटडाउन का निर्णय कनीय विद्युत अभियंता लेंगे, निगरानी सहायक विद्युत अभियंता करेंगे
● लाइन मरम्मत के दौरान मानवबलों द्वारा समुचित सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करते हुए कार्य सुनिश्चित कराए जाएंगे
● फीडर के शटडाउन के दौरान किसी दूसरे सहायक से कार्य कराते पाए जाने पर कार्रवाई करते हुए ड्यूटी वाले कर्मचारी विमुक्त किए जाएंगे
● समय-समय पर मानवबलों के बीच प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि उन्हें कार्य में पारंगत बनाया जा सके
● फीडर के शटडाउन का समय निर्धारित होंगे, दिनभर में 2 या 3 बार 15-20 मिनट से ज्यादा शटडाउन नहीं होगा
● फीडर के शटडाउन के बीच 4-5 घंटे का अंतराल (आकस्मिक छोड़) रखा जाएगा, ताकि गुणवत्तापूर्ण बनी रहे
● विद्युत सब-स्टेशन की नियमित सफाई और लाइटिंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित होगी




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