municipal corporation election ballot paper voting evm replaced counting 72 hours update झारखंड में 18 साल बाद बैलेट पेपर से चुनाव, पिछली बार नतीजों में लगे थे 4 दिन, Jharkhand Hindi News - Hindustan
More

झारखंड में 18 साल बाद बैलेट पेपर से चुनाव, पिछली बार नतीजों में लगे थे 4 दिन

नगर निकाय चुनाव में वर्षों बाद ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से वोटिंग होगी, जिसके कारण मतगणना में 72 घंटे तक का समय लग सकता है। इस बार मतदाताओं को महापौर और वार्ड सदस्य के लिए एक ही बॉक्स में दो बैलेट पेपर डालने होंगे।

Tue, 3 Feb 2026 07:48 AMAnubhav Shakya हिन्दुस्तान, रांची
share
झारखंड में 18 साल बाद बैलेट पेपर से चुनाव, पिछली बार नतीजों में लगे थे 4 दिन

नगर निकाय चुनाव में इस बार मतदान प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। वर्षों बाद पुरानी व्यवस्था की वापसी करते हुए चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय बैलेट पेपर से मतदान कराने का फैसला लिया है। इससे न सिर्फ चुनावी प्रक्रिया का स्वरूप बदला है, बल्कि प्रशासन और प्रत्याशियों दोनों के लिए चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। ईवीएम से मतदान नहीं होने के कारण इस बार मतगणना में अधिक समय लगने की आशंका है। पिछले चुनावों में जहां नतीजे कुछ ही घंटों में घोषित हो जाते थे, वहीं बैलेट पेपर से मतगणना में करीब 72 घंटे तक का वक्त लग सकता है।

वर्ष 2008 में नगर निकाय चुनाव भी बैलेट पेपर से ही हुए थे और उस समय मतगणना में लगभग चार दिन लगे थे।

ईवीएम से आई थी तेजी

2008 के बाद मतदान और मतगणना प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने के उद्देश्य से नगर निकाय चुनावों में ईवीएम को शामिल किया गया था। इसके बाद हुए दो चुनाव ईवीएम से संपन्न हुए और नतीजे भी जल्दी सामने आए। वर्ष 2018 में हुए निकाय चुनाव में छह घंटे में नतीजे आने लगे थे।

एक पेटी में दो बैलेट पेपर

मतदाताओं को मतदान के दौरान विशेष सतर्कता बरतनी होगी। बैलेट पेपर प्रणाली के तहत मतदाताओं को एक ही बैलेट बॉक्स में दो अलग-अलग बैलेट पेपर डालने होंगे। एक बैलेट पेपर महापौर पद के लिए होगा, जबकि दूसरा वार्ड सदस्य के चुनाव के लिए। किसी भी तरह की गलती होने पर मत रद्द होने की आशंका रहेगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बजट से झारखंड को रेलवे के लिए 7500 करोड़ की सौगात, कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार
ये भी पढ़ें:झारखंड में 70 हजार करोड़ रुपए निवेश करेगा जिंदल ग्रुप, क्या होगा फायदा

प्रत्याशियों को नौ को प्रशिक्षण, तीन चरणों में व्यय लेखा पंजी की जांच

रांची नगर निगम चुनाव के तहत रांची नगर निगम में महापौर एवं वार्ड सदस्य तथा नगर परिषद बुंडू में अध्यक्ष और वार्ड सदस्य पद के लिए मतदान 23 फरवरी को होगा। निर्वाचन आयोग झारखंड के दिशा-निर्देशों के आलोक में रांची जिले में व्यय अनुश्रवण प्रबंधन कोषांग का गठन किया गया है। इसे लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की ओर से सूचना जारी की गई है। सूचना के अनुसार रांची नगर निगम क्षेत्र के महापौर और वार्ड सदस्य पद के प्रत्याशियों को चुनावी व्यय लेखा-जोखा से संबंधित प्रशिक्षण 9 फरवरी को दोपहर 3 बजे समाहरणालय भवन, ब्लॉक-बी, रूम नंबर जी-10 में दिया जाएगा। प्रशिक्षण में प्रत्याशियों को चुनावी खर्चों को व्यय लेखा पंजी में सही तरीके से दर्ज करने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।

वहीं नगर परिषद बुंडू के अध्यक्ष एवं वार्ड सदस्य पद के प्रत्याशियों के लिए उसी दिन और समय अनुमंडल कार्यालय, बुंडू के सभागार में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। नगर निगम चुनाव के अंतर्गत प्रत्याशियों द्वारा किए गए चुनावी खर्च की जांच तीन चरणों में की जाएगी। रांची नगर निगम क्षेत्र के प्रत्याशी 12, 16 और 20 फरवरी को समाहरणालय बी-ब्लॉक के कक्ष संख्या जी-10 में अपनी व्यय लेखा पंजी जांच दल के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।