झारखंड राज्यसभा चुनाव में जयराम महतो किसे देंगे वोट, रखी एक शर्त
झारखंड के विधायक जयराम महतो ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में तीनों ही उम्मीदवार अच्छे हैं। वे उन्हें वोट डालेंगे, जो काम और विकास करेगा। हमारे क्षेत्र और लोगों की समस्याओं के साथ खड़ा होगा। एक प्रत्याशी के लोगों ने सहयोग मांगा है, लेकिन अभी किसी से मुलाकात नहीं हुई है।

झारखंड में राज्यसभा चुनाव दिलचस्प हो गए हैं। यहां के एक-एक विधायकों के वोट कीमती हो गए हैं। इसमें कांग्रेस, आरजेडी, भाकपा, बीजेपी के साथ-साथ सभी पार्टियों के विधायकों के वोटों का महत्व बढ़ गया है। इस दौरान विधायक जयराम महतो ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में तीनों ही उम्मीदवार अच्छे हैं। वे उन्हें वोट डालेंगे, जो काम और विकास करेगा। हमारे क्षेत्र और लोगों की समस्याओं के साथ खड़ा होगा। एक प्रत्याशी के लोगों ने सहयोग मांगा है, लेकिन अभी किसी से मुलाकात नहीं हुई है।
जयराम महतो की क्या है शर्त
जयराम ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में सबकी नजर होती है, मुझे सहयोग चाहिए। हमारा प्रयास रहेगा कि इस सांसद के माध्यम से काम हो। उन्होंने कहा कि मैं सरकार में नहीं हूं। हर काम के लिए लड़ना पड़ता है। उस व्यक्ति का समर्थन देंगे, जिसकी एक दृष्टि मेरे विधानसभा क्षेत्र पर भी हो। जयराम ने कहा कि महागठबंधन ठीक से नहीं चल रहा है। एक दूसरे के प्रति झामुमो और कांग्रेस में कैसा प्रेम है, सभी जान रहे हैं।
नैतिकता नहीं बताएं झारखंड आंदोलन खरीदने वाले:बीजेपी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस द्वारा भाजपा पर राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग करने के आरोप लगाने पर करारा प्रहार किया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र लोकलाज से चलता है, लेकिन कांग्रेस ने लोकलाज की सारी मर्यादाओं को लांघने का काम किया है। यह वही कांग्रेस है, जिसने झारखंड आंदोलन को तीन करोड़ में खरीदा।
आदित्य साहू ने कहा कि 16 विधायक रखकर कांग्रेस खुद हॉर्स ट्रेडिंग करने का काम कर दूसरे को उपदेश दे रही है। कांग्रेस बताए कि वह 28 सदस्य कैसे पूरा करेगी? भाजपा पैसे की राजनीति नहीं करती है। खरीद-फरोख्त पर हमारी पार्टी विश्वास नहीं करती है। इसलिए कांग्रेस को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, तब कोई बात करनी चाहिए। पैसों से लोगों को तौलना कांग्रेस का स्वभाव है। कांग्रेस झारखंड को दीमक की तरह चाट रही है। ये लोग भाजपा को नैतिकता का पाठ नहीं पढ़ाएं। कांग्रेस को अपने विधायकों पर ही विश्वास नहीं है। बोली लगाने, डराने, धमकाने के लिए उन्हें अन्यत्र ले जाने की तैयारी है। कांग्रेस बताए कि वह विधायकों को बाहर क्यों ले जाना चाहती है?




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