अब ऑनलाइन मुखबिर बन सकेंगे, झारखंड पुलिस ने गाइडलाइन जारी किया; क्या करना होगा
झारखंड में अब आम नागरिक भी ऑनलाइन पुलिस के मुखबिर बन सकेंगे। अपराध पर नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इसके लिए क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) ने एक विशेष गाइडलाइन जारी की है।

झारखंड में अब आम नागरिक भी ऑनलाइन पुलिस के मुखबिर बन सकेंगे। अपराध पर नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इसके लिए क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) ने एक विशेष गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत लोग घर बैठे ही संदिग्ध गतिविधियों, अपराध और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकेंगे।
राज्य पुलिस मुख्यालय ने इस नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि वे इस प्रणाली के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग जुड़ सकें और पुलिस को समय पर सूचनाएं मिल सके।
सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा पर भी नजर
इस प्लेटफॉर्म के जरिए लोग केवल अपराध ही नहीं, बल्कि भीड़ वाले इलाकों, बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी भी दे सकेंगे। इससे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा। राज्य पुलिस मुख्यालय ने जिलों के एसपी और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस प्रणाली का व्यापक प्रचार करें।
झारखंड पुलिस के पोर्टल पर लॉगइन कर देना होगा इनपुट
इस व्यवस्था के तहत इच्छुक व्यक्ति को झारखंड पुलिस के पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। लॉग इन करने के बाद उन्हें सूचना से संबंधित विकल्प मिलेगा, जहां वे अपनी जानकारी साझा कर सकते हैं। यह जानकारी गुप्त रूप से भी दी जा सकती है, जिससे मुखबिर की पहचान सुरक्षित रहे।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से अपराध पर नियंत्रण पाने में काफी मदद मिलेगी। कई बार छोटी-छोटी सूचनाएं भी बड़े अपराध को रोकने में अहम भूमिका निभाती हैं। आम नागरिकों की भागीदारी से पुलिस को जमीनी स्तर पर बेहतर इनपुट मिल सकेगा।




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