पेसा नियमावली के उल्लंघन को रोकने की मांग
चाकुलिया में, भारत जाकात माझी परगाना माहाल ने पारंपरिक स्वशासन को लागू करने और पेसा नियमावली के उल्लंघन को रोकने के लिए उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा। संगठन ने मांग की कि गैर-अनुसूचित जनजाति ग्राम प्रधानों को हटाया जाए और पारंपरिक माझी बाबा की अध्यक्षता में ग्राम सभा का आयोजन सुनिश्चित किया जाए।

चाकुलिया। भारत जाकात माझी परगाना माहाल की चाकुलिया इकाई ने पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को सख्ती से लागू करने और पेसा नियमावली के कथित उल्लंघन को रोकने के लिए शनिवार को तरफ के परगाना बाबा परमेश्वर मांडी के नेतृत्व में उपायुक्त के नाम एक मांग पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी आरती मुंडा को सौंपा। माहाल का कहना है कि पूर्वी सिंहभूम जिला पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है,जहां सदियों से पारंपरिक माझी पारगाना स्वशासन व्यवस्था चली आ रही है। पेसा नियमावली 2025 के तहत पारंपरिक माझी बाबा या पारगाना बाबा को ही ग्राम सभा की अध्यक्षता करने का पूर्ण अधिकार है। इसके बावजूद क्षेत्र में असंवैधानिक रूप से गैर-अनुसूचित जनजाति और चुनावी प्रक्रिया से बने गैर-पारंपरिक ग्राम प्रधानों द्वारा ग्राम सभाओं की अध्यक्षता कराई जा रही है।
यह नियमों का उल्लंघन है। इस व्यवस्था के विरोध में माझी पारगाना माहाल ने सरकार और प्रशासन से पांच सूत्री मांगें की हैं। संगठन ने मांग की है कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में गैर-अनुसूचित जनजाति और गैर-पारंपरिक रूप से चुने गए ग्राम प्रधानों के पदों को तत्काल निरस्त किया जाए और पेशा नियमावली 2025 के प्रावधानों को कड़ाई से लागू किया जाए। इसके साथ ही पारंपरिक माझी बाबा की अध्यक्षता में ही ग्राम सभा की बैठकों का आयोजन सुनिश्चित कराने की बात कही गई है। कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐसे ग्राम प्रधानों को पद से हटाते हुए उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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