English is neither my compulsion nor my identity..; Nishikant Dubey got upset in the House over language अंग्रेजी मेरी मजबूर नहीं, न ही पहचान...; भाषा को लेकर सदन में उखड़े सांसद निशिकांत दुबे, Jharkhand Hindi News - Hindustan
More

अंग्रेजी मेरी मजबूर नहीं, न ही पहचान...; भाषा को लेकर सदन में उखड़े सांसद निशिकांत दुबे

उन्होंने इस बयानबाजी का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी शेयर किया। सांसद ने कहा, आपके कहने से अंग्रेजी नहीं बोलूंगा, यदि आप... जानिए सांसद निशिकांत दुबे ने क्या कुछ कहा।

Wed, 30 July 2025 01:45 PMRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, गोड्डा
share
अंग्रेजी मेरी मजबूर नहीं, न ही पहचान...; भाषा को लेकर सदन में उखड़े सांसद निशिकांत दुबे

भाषा विवाद का मुद्दा एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने अंग्रेजी और भारतीय भाषाओं को लेकर सदन में जमकर बयानबाजी की। उन्होंने इस बयानबाजी का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी शेयर किया। सांसद ने कहा, आपके कहने से अंग्रेजी नहीं बोलूंगा, यदि आप... जानिए सांसद निशिकांत दुबे ने क्या कुछ कहा।

सांसद निशिकांत दुबे ऑपरेशन सिंदूर पर बोल रहे थे कि तभी बरसते हुए कहने लगे ये प्रॉब्लम लोकसभा का है। ये प्रॉब्लम मेरा नहीं है। इसके बाद निशिकांत दुबे ने जोरदार हमला करते हुए कहा, आपके कहने से मैं अंग्रेजी नहीं बोलूंगा। अंग्रेजी विदेशी भाषा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:आत्महत्या करना बुरा नहीं है, क्योंकि…; दिल्ली में CA ने हीलियम गैस से की खुदकुशी
ये भी पढ़ें:डिंपल यादव पर टिप्पणी करने वाले मौलाना की नोएडा के TV स्टूडियो में पिटाई- VIDEO

अंग्रेजी को विदेशी भाषा बताते हुए बोले, यदि आप तमिल बोलने के लिए कहते तो मुझे प्रसन्नता होती। आप अंग्रेजी बोलने के लिए कहते हैं, ये विदेशी भाषा है। यही मानसिकता है आप लोगों की। निशिकांत दुबे ने कहा, कोई तमिल बोलने के लिए कहे, कोई बांग्ला बोलने के लिए कहे तो मुझे गर्व होता, क्योंकि ये हमारी भाषा है। भारतीय भाषा है। आप अंग्रेजी बोलने के लिए कह रहे हो।

सदन में बोली गई अपनी बात को निशिकांत दुबे ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा- उन्होंने कहा अंग्रेज़ी में बोलिए। मैंने कहा नहीं, मैं हिंदी में बोलूंगा। मुझे हिंदी पर गर्व है। मुझे तमिल पर गर्व है। मुझे बंगाली, मराठी, हर भारतीय भाषा पर गर्व है। अंग्रेज़ी मेरी मजबूरी नहीं और न ही मेरी पहचान है। मेरी जुबान मेरे देश की मिट्टी से बनी है और मैं उसी में बोलना पसंद करता हूं।