Political Betrayal of Women Raghubar Das Criticizes Opposition Parties for Blocking Women s Reservation Bill परिवारवादी और जातिवादी पार्टियों ने महिलाओं से किया विश्वासघात : रघुवर, Dhanbad Hindi News - Hindustan
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परिवारवादी और जातिवादी पार्टियों ने महिलाओं से किया विश्वासघात : रघुवर

रघुवर दास ने कहा कि परिवारवादी और जातिवादी पार्टियों ने महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी पार्टियों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन का विरोध किया, जिससे महिलाओं की प्रगति में रुकावट आई है। उन्होंने आदिवासी महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधा।

Tue, 21 April 2026 02:09 AMNewswrap हिन्दुस्तान, धनबाद
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परिवारवादी और जातिवादी पार्टियों ने महिलाओं से किया विश्वासघात : रघुवर

परिवारवादी, जातिवादी और तुष्टीकरण की राजनीति करने वाली पार्टियों ने महिलाओं के साथ विश्वासघात किया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर संशोधन का विरोध कर कांग्रेस, सपा, झामुमो, टीएमसी जैसी अन्य विपक्षी पार्टियों ने महिला विरोधी रुख का परिचय दिया है। यह बात झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुवर दास ने सोमवार को धनबाद परिसदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। उन्होंने रांची में 25 को आक्रोश रैली में महिलाओं से भाग लेने की अपील भी की। रघुवर दास ने कहा कि विधेयक पारित हो जाता तो 2029 तक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण मिल जाता।

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इससे नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी होती। जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया में समय लगता है, इसलिए सरकार ने सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था ताकि किसी वर्ग को नुकसान न हो। विपक्ष ने विधेयक का विरोध कर महिलाओं की प्रगति को रोकने का काम किया है। इससे देशभर में महिलाओं में आक्रोश है।रघुवर दास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने स्वच्छता अभियान के तहत करोड़ों घरों में शौचालय बनवाकर महिलाओं की गरिमा बढ़ाई है। मुद्रा योजना जैसी पहल से भी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं की प्रगति और नीति निर्माण में भागीदारी में मील का पत्थर साबित होता।मौके पर झरिया विधायक रागिनी सिंह, जिप अध्यक्ष शारदा सिंह, सिंदरी से भाजपा प्रत्याशी तारा देवी, महानगर एवं ग्रामीण भाजपा के अध्यक्ष श्रवण राय एवं मोहन कुंभकार, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव अग्रवाल, सत्येंद्र कुमार सिंह, राजकुमार अग्रवाल, रमेश राही, महामंत्री मानस प्रसून एवं रूपेश सिन्हा सहित भाजपा के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।.......आदिवासी महिलाओं के साथ अत्याचार पर मुख्यमंत्री चुप क्योंरघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी निशाना साधा। कहा कि आदिवासियों के नाम पर राजनीति करने वाले मुख्यमंत्री आदिवासी महिलाओं के साथ हर दिन हो रहे अत्याचार पर चुप क्यों हैं। महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा आपराधिक मामले हेमंत सोरेन की कांग्रेस-झामुमो की गठबंधन वाली सरकार में ही हुए हैं। उन्होंने दावा कि उनके कार्यकाल में झारखंड में आदिवासियों के कल्याण के लिए सबसे ज्यादा काम हुए। झामुमो तो आदिवासियों के नाम पर सिर्फ राजनीति कर रहा रहा।रघुवर दास ने कहा कि झारखंड में भाजपा की हार में विदेशी शक्तियों की भी भूमिका है। जब मुख्यमंत्री था तो मिशनरियों और धर्मांतरण को लेकर कई कार्रवाई की थी। चर्चा के जमीन तक के दस्तावेज मांग थे। इसलिए हार के एक नहीं कई कारण होते हैं। कोई हार स्थायी नहीं है। भाजपा फिर झारखंड में सरकार बनाएगी।.......निगम चुनाव बाद पहली बार रागिनी सिंह दिखीं भाजपा के कार्यक्रम में- प्रदेश के निर्देश पर महानगर भाजपा की ओर से रागिनी सिंह को किया गया आमंत्रित- धनबाद जिले में भाजपा की इकलौती महिला विधायक हैं रागिनी सिंहधनबाद, विशेष संवाददातानगर निगम चुनाव के बाद पहली बार धनबाद में भाजपा के कार्यक्रम में झरिया विधायक रागिनी सिंह पहुंची एवं सक्रिय भी दिखीं। मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रेस कांफ्रेंस में रागिनी सिंह को आमंत्रित किया गया। रागिनी सिंह झरिया में पार्टी के कार्यक्रम को करती रही थीं लेकिन महानगर भाजपा के बैनर तले धनबाद में आयोजित कार्यक्रमों में उन्हें नहीं बुलाया जा रहा था। वजह निगम चुनाव में भाजपा से समर्थन नहीं मिलने के बावजूद रागिनी सिंह के पति संजीव सिंह के मेयर चुनाव लड़ने के कारण सिंह मेंशन और भाजपा के बीच खींचतान की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। पार्टी सूत्र ने बताया कि निगम चुनाव के दौरान प्रदेश के निर्देश पर ही रागिनी सिंह को पार्टी के कार्यक्रमों में नहीं बुलाया जा रहा था। अब प्रदेश के निर्देश पर ही सोमवार को आमंत्रित किया गया।पार्टी के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो भाजपा अब धनबाद में एकजुटता के लिए प्रयासरत है। इस सिलसिले में महानगर संगठन को भी कई दिशा निर्देश प्रदेश की ओर से दिए गए हैं। नेताओं के बीच गुटबाजी को खत्म कर संगठन को मजबूत करने की दिशा में यह एक कोशिश है। भाजपा और सिंह मेंशन के बीच संबंध बेहतर होने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।

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