Jharkhand Solid Waste Management Rule-2026 New Waste Segregation Guidelines झारखंड में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल लागू, डीसी करेंगे मॉनिटरिंग, Dhanbad Hindi News - Hindustan
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झारखंड में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल लागू, डीसी करेंगे मॉनिटरिंग

झारखंड में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल-2026 लागू कर दिया गया है। कचरे को चार श्रेणियों में बांटकर उसका डिस्पोजल किया जाएगा। जिलास्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है। 100 किलो से अधिक कचरा उत्पन्न करने वालों को स्वयं डिस्पोजल की व्यवस्था करनी होगी। जुर्माना भी लगाया जाएगा।

Sat, 30 May 2026 01:56 AMGangesh Gunjan हिन्दुस्तान, धनबाद
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झारखंड में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल लागू, डीसी करेंगे मॉनिटरिंग

सूख कचरा और गीला कचरा अलग-अलग रखने का दौर अब खत्म होने वाला है। अब कचरे को चार अलग-अलग वर्गों में बांटकर उसका डिस्पोजल किया जाएगा। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल-2026 को झारखंड में लागू कर दिया गया है। वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने डीसी की अध्यक्षता में जिलास्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया है। कमेटी को निर्देश दिया गया है कि योजनाबद्ध तरीके से इस नए नियम को जिलास्तर पर लागू करना है। सरकार ने सभी जिलों को इसका पत्र भेज दिया है। जिलास्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी में डीडीसी को कोऑर्डिनेटर, नगर आयुक्त, जिला पंयायती राज पदाधिकारी और पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को सदस्य मनोनीत किया गया है। कमेटी को जिम्मेवारी दी गई है कि आमलोगों को नए नियम की जानकारी देकर जागरूकता फैलाएं। इसको लेकर जगह-जगह जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। प्रत्येक तीन माह में कमेटी की बैठक होगी और इसकी समीक्षा की जाएगी। सरकार का पत्र आने के बाद धनबाद भी कमेटी गठन की तैयारी शुरू कर दी गई है。

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चार श्रेणियों में कचरे को करना है अलग

नए नियमों के अनुसार अब कचरे के लिए 4-बिन (चार डिब्बे) प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। अब कचरे को स्रोत पर ही चार श्रेणियों में अलग करना होगा, जिसमें गीला कचरा: रसोई और जैविक अपशिष्ट, सूखा कचरा: प्लास्टिक, कागज, धातु, कांच, सेनेटरी कचरा: डायपर, सैनिटरी पैड आदि (कागज में लिपटे हुए) विशेष देखभाल वाला कचरा: पेंट के डिब्बे, बल्ब, दवाइयां और मरकरी बल्ब।

100 किलो कचरा निकालने वाले को खुद करना होगा डिस्पोजल

जो संस्थान, होटल, मॉल या हाउसिंग सोसाइटी हर दिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा पैदा करते हैं, उन्हें अपने कचरे के निपटान (जैसे गीले कचरे की कंपोस्टिंग) की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। यदि कोई व्यक्ति या संस्था खुले में कचरा फेंकती है या कचरे को अलग नहीं करती है, तो उन पर जुर्माना या पर्यावरण मुआवजा लगाने का सख्त प्रावधान नए नियम में किया गया है। कचरे डिस्पोजल की अब ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी।

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