अब झारखंड में लगेगा टूरिस्ट टैक्स, होटलों में ठहरना होगा महंगा; कैबिनेट से मिली मंजूरी
झारखंड में पर्यटकों के लिए सिटी टूरिस्ट टैक्स को मंजूरी दी गई है। इस पर गुरुवार को कैबिनेट की मुहर लगने के बाद राज्य के होटलों में ठहरने वाले पर्यटकों को दो प्रतिशत से पांच प्रतिशत तक टैक्स देना होगा।

झारखंड में पर्यटकों के लिए सिटी टूरिस्ट टैक्स को मंजूरी दे दी गई है। इस पर गुरुवार को कैबिनेट की मुहर लगने के बाद राज्य के होटलों में ठहरने वाले पर्यटकों को दो प्रतिशत से पांच प्रतिशत तक टैक्स देना होगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कुल 40 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।
बैठक के बाद कैबिनेट की प्रधान सचिव वंदना दादेल ने बताया कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और राजस्व जुटाने के लिए झारखंड सिटी टूरिस्ट टैक्स रुल्स को मंजूरी दी गई है। इसके तहत जिस होटल में जीएसटी नहीं है, वहां भारतीय पर्यटकों को दो प्रतिशत टैक्स देना होगा। वहीं, जहां 18 फीसदी से कम जीएसटी है, वहां 2.50 प्रतिशत और जहां 18 फीसदी से अधिक जीएसटी है, वहां पांच प्रतिशत टैक्स देना होगा। विदेशी पर्यटकों को भारतीय पर्यटक की तुलना में दोगुना टैक्स देना होगा।
इधर, झारखंड के मंत्री, विधायक और पूर्व विधायकों को चिकित्सा सुविधा मिलेगी। यह चिकित्सा सुविधा अखिल भारतीय पदाधिकारियों व उनके आश्रितों की तर्ज पर दी जाएगी। चिकित्सा पर खर्च होने वाली पूरी राशि का भुगतान राज्य सरकार करेगी।
कैबिनेट ने लिए गए फैसले
कैबिनेट द्वारा गुरुवार को लिए गए एक और महत्वपूर्ण फैसले के अनुसार, उच्च शिक्षण संस्थानों में तकनीकी शिक्षा ले रही छात्राओं को भी अब मानकी मुंडा छात्रवृत्ति का लाभ मिल सकेगा। कैबिनेट सचिव दादेल ने बताया कि मानकी मुंडा छात्रवृत्ति में पहले सिर्फ तकनीकी विश्वविद्यालय से जुड़े संस्थानों में इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक की छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाती थी, लेकिन अब सरकार ने जो निर्णय लिया है, उसके अनुसार, उच्च शिक्षा में तकनीकी शिक्षा ले रहीं सभी छात्राएं मानकी मुंडा छात्रवृत्ति से लाभान्वित हो सकेंगी। इसमें डिप्लोमा का पाठ्यक्रम करने वाली छात्राओं को वार्षिक 15 हजार रुपये और बीटेक-बीई करने वाले छात्राओं को 30 हजार रुपये छात्रवृत्ति के रूप में दी जाती है।
शिशु देखभाल अवकाश में मिलेगा वेतन
शिशु देखभाल अवकाश के दौरान छुट्टी का वेतन भी मिलेगा। दो साल तक शिशु देखभाल अवकाश की छुट्टी मिलती है। इसमें पहले साल (365 दिन) की छुट्टी का 100 फीसदी वेतन मिलेगा, जबकि दूसरे साल (365 दिन) की छुट्टी का 80 फीसदी वेतन मिलेगा।
डालटनगंज रेलवे स्टेशन का नाम अब मेदिनीनगर
डालटनगंज रेलवे स्टेशन का नाम अब मेदिनीनगर होगा। केंद्र सरकार से सहमति मिलने के बाद राज्य सरकार ने नाम परिवर्तन के प्रस्ताव पर स्वीकृति दे दी। नेतरहाट विद्यालय के कर्मचारियों के लिए 20 प्रतिशत विशेष वेतन देने का निर्णय लिया गया है।




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