शादी में शामिल होने आए 2 रिश्तेदारों की कुएं में मिली लाश, रांची में मचा हड़कंप
झारखंड के रांची में दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां के रातू थाना क्षेत्र के बसाइरटोली (तिगरा गांव) स्थित एक खेत के कुएं से मंगलवार की शाम दो शव बरामद किए गए। दोनों शादी में शामिल होने आए थे।

झारखंड के रांची में दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां के रातू थाना क्षेत्र के बसाइरटोली (तिगरा गांव) स्थित एक खेत के कुएं से मंगलवार की शाम दो शव बरामद किए गए। दोनों मृतकों की पहचान बेड़ो के जरिया निवासी 48 वर्षीय बंधन भगत और 56 वर्षीय पुनई उरांव के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, दोनों रविवार को तिगरा निवासी दशू उरांव के घर एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। समारोह के दौरान ही दोनों संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। परिजनों ने उनके गांव लौटने की उम्मीद में काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। अंततः उनके साथ आए अन्य मेहमान घर लौट गए। मंगलवार को तिगरा के ग्रामीणों ने कुएं में शव देखा। शवों की पहचान होने पर बेड़ो में उनके परिजनों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परिजन तिगरा पहुंचे और शवों को अपने साथ बेड़ो ले गए।
पुलिस ने शव को कब्जे में लिया
इधर, रातू पुलिस को जैसे ही कुएं में शव मिलने की जानकारी हुई, पुलिस ने बुधवार को जरिया गांव पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लिया और रातू थाना ले आई, जहां पंचनामा तैयार करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया। इस संबंध में पुनई उरांव की बेटी चमेली उरांव ने रातू थाना में यूडी केस दर्ज कराया है। रातू पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। इस मामले की जानकारी देते हुए रातू के थाना प्रभारी राम नारायण सिंह ने कहा कि इस घटना को लेकर परिजनों ने शक जाहिर नहीं किया है। मामले में यूडी केस दर्ज किया गया है।
पेशे से किसाना था पुनई
मृतक पुनई उरांव ने अपनी भगिनी सुष्मिता लकड़ा को बचपन से अपने घर में पाल-पोसकर बड़ा किया था। उसकी शादी के सिलसिले में वे रातू थाना क्षेत्र के तिगरा बसाइरटोली निवासी लूसियस खलखो के यहां मेहमानी में गए थे। पुनई उरांव भी पेशे से किसान था। पत्नी लुन्दू उराइन, पुत्र चंपा उरांव और चमेली उरांव तथा बेटी पंची उरांव का रो-रोकर बुरा हाल है।
इकलौता कमाने वाला था बंधन
बेड़ो के जरिया पंचायत स्थित दो टोलों सिंघुआटोली और करमटोली में बुधवार को मातम पसरा रहा। परिजनों ने बताया कि बंधन भगत अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था और खेतीबारी कर परिवार को पोषण करता था। पत्नी चरिया उराइन और तीन पुत्रों शनि भगत, मनीष भगत और संतोष भगत का रो-रोकर बुरा हाल है।




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