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काश पटेल को छोड़कर ट्रंप की पूरी टीम को मारने का था प्लान, हिंदू होने के चलते बचे FBI चीफ?

वाइट हाउस में हुई गोलीबारी के शूटर कोल एलन ने डोनाल्ड ट्रंप की टीम को निशाना बनाया, लेकिन FBI डायरेक्टर कश पटेल को छोड़ दिया। जानिए क्या इसके पीछे कश पटेल का हिंदू होना था या कोई खास रणनीति? पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी।

Tue, 28 April 2026 12:10 PMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, वाशिंगटन
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काश पटेल को छोड़कर ट्रंप की पूरी टीम को मारने का था प्लान, हिंदू होने के चलते बचे FBI चीफ?

वाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में गोलीबारी की घटना में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। तमाम अमेरिकी एजेंसियां बंदूकधारी कोल एलन के घोषणापत्र यानी मैनीफेस्टो की बारीकी से जांच कर रही हैं। इस मैनीफेस्टो में डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े लगभग हर वरिष्ठ अधिकारी का नाम संभावित लक्ष्य (टारगेट) के रूप में शामिल था, लेकिन एक नाम इसमें नहीं था। वह नाम है- काश पटेल। अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि आखिर FBI के डायरेक्टर कश पटेल को क्यों बख्शा गया? इसके पीछे हमलावर की विचारधारा, रणनीतिक योजना और यहां तक कि धर्म से जुड़े कई सिद्धांतों पर विचार किया जा रहा है।

धार्मिक पहचान (पटेल का हिंदू होना)

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि इसके पीछे पटेल की पहचान हो सकती है। 'द न्यूयॉर्क पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं का मानना है कि संदिग्ध कोल एलन के मैनीफेस्टो में स्पष्ट रूप से ईसाई-विरोधी विचार थे। इसका मतलब यह हो सकता है कि काश पटेल, जो कि हिंदू हैं वह हमलावर के वैचारिक लक्ष्य के खांचे में फिट नहीं बैठते थे। कोल एलन ने मैनीफेस्टो में अपनी हिंसा को सही ठहराने के लिए धार्मिक, नैतिक और वैचारिक बातों का सहारा लिया गया था। सीधे शब्दों में कहें तो, अगर हमलावर का गुस्सा किसी विशेष धार्मिक समूह (जैसे ईसाइयों) के प्रति था, तो पटेल उस दायरे से बाहर माने गए होंगे।

रणनीतिक नियम (लॉ एन्फोर्समेंट को नुकसान न पहुंचाना)

दूसरा संभावित कारण वैचारिक होने के बजाय रणनीतिक (टैक्टिकल) है। जांचकर्ताओं का कहना है कि बंदूकधारी ने हमले के कुछ स्पष्ट नियम बनाए थे। इनमें कानून प्रवर्तन (लॉ एन्फोर्समेंट) से जुड़े अधिकारियों को नुकसान न पहुंचाना और गैर-राजनीतिक लोगों की जान को कम से कम खतरे में डालना शामिल था। काश पटेल FBI के निदेशक होने के नाते इस नियम के तहत हिट-लिस्ट से बाहर रखे गए हो सकते हैं। हालांकि, यह थ्योरी थोड़ी उलझी हुई है क्योंकि हमले के दौरान एक कानून प्रवर्तन अधिकारी को गोली लगी थी। हालांकि बुलेटप्रूफ वेस्ट पहने होने के कारण उसकी जान बच गई।

हमले और मैनीफेस्टो के अहम खुलासे

संदिग्ध ने प्रशासन के अधिकारियों की एक रैंकिंग वाली हिट-लिस्ट तैयार की थी। उसने अपने मैनीफेस्टो में स्पष्ट रूप से लिखा था: प्रशासन के अधिकारी (काश पटेल को छोड़कर): वे लक्ष्य हैं। उसने हमले से मात्र 10 मिनट पहले यह मैनीफेस्टो अपने परिवार को भेजा था। इसमें उसने अधिकारियों पर हमले को कथित अन्याय के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया बताया था।

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25 अप्रैल की घटना का घटनाक्रम

यह हमला वाशिंगटन हिल्टन होटल में हुआ था। बंदूकधारी कई हथियारों के साथ सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, सीक्रेट सर्विस ने उसे मुख्य कार्यक्रम तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया। हमले में एक अधिकारी को गोली लगी, लेकिन सुरक्षा कवच के कारण वह बच गया। डोनाल्ड ट्रंप और अन्य सभी अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

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हमलावर कोल एलन पर कार्रवाई और जांच

हमलावर कोल एलन पर अब हत्या के प्रयास और हथियारों से जुड़े कई गंभीर अपराधों के तहत मामला दर्ज किया गया है। 'द गार्डियन' की रिपोर्ट के अनुसार, मैनीफेस्टो में ट्रंप के खिलाफ भारी नफरत देखी गई है, जो इसे एक राजनीति से प्रेरित हमला बनाता है। अधिकारियों का मानना है कि संदिग्ध ने यह हमला अकेले ही अंजाम दिया (लोन वुल्फ अटैक), हालांकि उसके कट्टरपंथीकरण और उसे प्रभावित करने वाले कारकों की जांच अभी जारी है। इस घटना के बाद इंटरनेट पर कई तरह की साजिश की थ्योरी भी वायरल हुई हैं, जिनमें से ज्यादातर फर्जी साबित हुई हैं।

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