Who is Neal Katyal the Indian-origin lawyer who put Donald Trump in the SC dock tariff कौन हैं डोनाल्ड ट्रंप को SC के 'कटघरे' में खड़े करने वाले भारतीय मूल के वकील नील कात्याल?, International Hindi News - Hindustan
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कौन हैं डोनाल्ड ट्रंप को SC के 'कटघरे' में खड़े करने वाले भारतीय मूल के वकील नील कात्याल?

सुप्रीम कोर्ट में डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति के खिलाफ केस लड़ने वाले वकील नील कात्याल भारतीय मूल के हैं। ओबमा के शासनकाल में वह कार्यकारी सॉलिसिटर जनरल के भी पद पर रह चुके हैं। 

Sat, 21 Feb 2026 09:30 AMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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कौन हैं डोनाल्ड ट्रंप को SC के 'कटघरे' में खड़े करने वाले भारतीय मूल के वकील नील कात्याल?

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए टैरिफ रद्द करने का फैसला सुनाय दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि टैरिफ लगाने का अधिकार राष्ट्रपति के पास नहीं बल्कि कांग्रेस के पास है। वहीं इस मामले में डोनाल्ड ट्रंप को कटघरे में खड़ा करने का श्रेय एक भारतीय वकील को दिया जाता है। उनका नाम है नील कात्याल जो कि ओबामा के शासनकाल में अडिशनल सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट में कात्याल ने ही 1977 इंटरनेशल इमर्जेंसी इकनॉमिक पावर्स के दुरुपयोग को लेकर डोनाल्ड ट्रंप को कटघरे में खड़ा कर दिया और दमदार तर्क दिए।उन्होंने कहा कि ट्रंप का यह कदम असंवैधानिक है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कात्याल ने कहा, आज सुप्रीम कोर्ट ने दिखा दिया है कि अमेरिका अब भी कानून को तवज्जो देता है। इसका सीधा संदेश है कि राष्ट्रपति ताकतवर हो सकते हैं लेकिन संविधान से ज्यादा ताकतवर नहीं। अमेरिका में केवल कांग्रेस ही अमेरिकी लोगों पर टैक्स लगा सकती है।

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बता दें कि यह केस छोटे कारोबारियों ने लिबर्टी जस्टिस के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाया था। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ के अपने फैसले के पक्ष में कहा था कि यह कदम देश की सुरङा के लिए उटाया गया है। उन्होंने कहा था कि दूसरे देश अमेरिका का फायदा उठा रहे हैं और इसका नुकसान अमेरिकियों को करना पड़ रहा है। इसके बाद कात्याल ने ही केस की सारी भूमिका तय की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कानून की बुनियाद पर जो कुछ भी जरूरी था, वह सबकुछ दिया है। कात्याल ने कहा, यह केस राष्ट्रपति पद के लिए अहम है ना कि किसी खास राष्ट्रपति के लिए। हमेशा बहस शक्तियों के बंटवारे पर होती है। हमें खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने मौलिक अधिकारों की सुरक्षा की है।

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कौन हैं नील कात्याल

नील कात्याल के माता-पिता भारतीय थे। कात्याल का जन्म शिकागो में हुआ था। उनके माता-पिता डॉक्टर और इंजीनियर थे इसके बावजूद कात्याल ने कानून के क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया। उन्होंने येल लॉ स्कूल से ग्रैजुएशन किया और फिर जस्टिस स्टीफन ब्रेयर के साथ काम किया। उन्होंने बराक ओबमा ने 2010 में कार्यकारी सॉलिसिटर जनरल बनाया ता। उन्होंने सरकार की ओर से कई केस सुप्रीम कोर्ट में लड़े। उनके पास अल्पसंख्यक वकील के तौर पर सबसे ज्यादा केस सुप्रीम कोर्ट में लड़ने का रिकॉर्ड है।

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कात्याल ने संविधान और कॉम्प्लेक्स अपीलेट लिटिगेशन में विशेषज्ञता हासिल की। उन्होंने वोटिंग राइट ऐक्ट 1965, डोनाल्ड ट्रंप के ट्रैवल बैन के खिलाफ भी केस लड़ा। कात्याल को अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट से नागरिक सम्मान भी मिल चुका है। फोर्ब्स में उन्हें टॉप 200 वकीलों में शामिल किया गया था।

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