trump imposes 10 percent global tariff after supreme court ruling 'सुप्रीम झटके' के बाद भी नहीं माने ट्रंप, पूरी दुनिया पर लगा दिया 10% ग्लोबल टैरिफ, International Hindi News - Hindustan
More

'सुप्रीम झटके' के बाद भी नहीं माने ट्रंप, पूरी दुनिया पर लगा दिया 10% ग्लोबल टैरिफ

सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुराने टैरिफ को रद्द करने के तुरंत बाद, ट्रंप ने व्यापार अधिनियम का इस्तेमाल करते हुए सभी विदेशी सामानों पर 10% 'ग्लोबल टैरिफ' लागू कर दिया है। जानें इस फैसले का वैश्विक व्यापार और 170 अरब डॉलर के रिफंड विवाद पर क्या असर होगा।

Sat, 21 Feb 2026 07:17 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, वाशिंगटन
share
'सुप्रीम झटके' के बाद भी नहीं माने ट्रंप, पूरी दुनिया पर लगा दिया 10% ग्लोबल टैरिफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत विदेशी सामानों पर 10% का 'ग्लोबल टैरिफ' लगाया गया है। यह कदम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले साल लगाए गए कई टैरिफ को रद्द करने के ठीक बाद उठाया गया है, ताकि ट्रंप अपने व्यापारिक एजेंडे को सुरक्षित रख सकें।

शुक्रवार शाम को एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने इस कदम की पुष्टि करते हुए कहा- ओवल ऑफिस से सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लागू करने के आदेश पर हस्ताक्षर करना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है, जो लगभग तुरंत प्रभावी होगा। इस मामले में ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद फिलहाल इस कार्यकारी आदेश का विस्तृत आधिकारिक मसौदा जारी नहीं किया गया है।

कानूनी आधार और उसकी सीमाएं

ट्रंप प्रशासन ने 10% के इस नए टैरिफ को 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत लागू किया है। यह धारा राष्ट्रपति को एकतरफा टैरिफ लगाने का अधिकार देती है। इस कानूनी प्रावधान के तहत टैरिफ केवल 150 दिनों तक ही लागू रह सकता है। 150 दिन की अवधि के बाद इसे जारी रखने के लिए अमेरिकी संसद की मंजूरी आवश्यक होगी।

सुप्रीम कोर्ट का झटका

इससे पहले शुक्रवार को ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से एक अहम फैसला सुनाया था, जिसने ट्रंप प्रशासन की पिछली टैरिफ नीतियों को गैर-कानूनी करार दिया था:

IEEPA का गलत इस्तेमाल: ट्रंप ने पिछले साल 'इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पॉवर्स एक्ट' (IEEPA) का इस्तेमाल कर अमेरिकी व्यापारिक साझेदारों पर 10% से 50% तक के जवाबी टैरिफ लगाए थे। कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।

अन्य देशों पर प्रभाव: कोर्ट ने फेंटेनाइल तस्करी को रोकने के नाम पर कनाडा, मैक्सिको और चीन के सामानों पर लगे टैरिफ को भी रद्द कर दिया। इस फैसले ने भारत और ब्राजील पर लगाए गए अलग-अलग टैरिफ के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

आगामी रणनीतियां और धारा 301 व 232

  • नए 10% फ्लैट रेट के साथ-साथ ट्रंप की योजना अन्य व्यापारिक कानूनों को भी हथियार बनाने की है।
  • वे धारा 301 और धारा 232 के तहत पहले से मौजूद आयात करों को बरकरार रखेंगे और नई व्यापारिक जांच शुरू करेंगे।
  • धारा 301 के तहत किसी देश पर तभी शुल्क लगाया जा सकता है जब जांच में यह साबित हो कि उसने व्यापार समझौते का उल्लंघन किया है।
  • ट्रंप ने विदेशी कारों पर भी 15% से 30% तक अलग से टैरिफ लगाने का संकेत दिया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:SC के फैसले के बाद भी नरम नहीं हुए ट्रंप के तेवर, बोले- भारत देगा टैरिफ, US नहीं
ये भी पढ़ें:क्या भारत पर लगेगा जीरो टैरिफ? SC के ट्रंप के फैसले को रद्द करने का क्या असर

अर्थव्यवस्था और रिफंड का मुद्दा

प्रभावी टैरिफ दर: ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के अनुमान के अनुसार, इस 10% ग्लोबल ड्यूटी से अमेरिका की औसत प्रभावी टैरिफ दर 13.6% से बढ़कर 16.5% हो सकती है (या मौजूदा छूटें बनी रहीं तो यह 11.4% तक गिर सकती है)।

170 अरब डॉलर के रिफंड का विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट नहीं किया कि जिन आयातकों से पहले ही टैरिफ वसूला जा चुका है, उन्हें रिफंड मिलेगा या नहीं। इसे निचली अदालतों पर छोड़ दिया गया है। करीब 1,500 कंपनियों ने इसके लिए पहले ही मुकदमे दायर कर रखे हैं। रिफंड की रकम 170 अरब डॉलर तक हो सकती है।

ट्रंप की नाराजगी: रिफंड के मुद्दे पर स्पष्टता न होने पर ट्रंप ने शिकायत की कि इस पर चर्चा नहीं हुई है। हम अगले पांच साल तक कोर्ट के ही चक्कर काटते रहेंगे।

भारी रिफंड की आशंकाओं के बावजूद, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने डलास के इकोनॉमिक क्लब में दावा किया कि धारा 122, 232 और 301 के संयुक्त उपयोग से 2026 में अमेरिका का टैरिफ राजस्व लगभग अपरिवर्तित रहेगा।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।