White phosphorus fired on southern Lebanese village by Israel says Human Rights मांस गला देने वाला केमिकल, लेबनानी गांव पर इस्तेमाल का आरोप; कितने लोगों पर असर?, International Hindi News - Hindustan
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मांस गला देने वाला केमिकल, लेबनानी गांव पर इस्तेमाल का आरोप; कितने लोगों पर असर?

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध लगातार गहराता जा रहा है। अब इसमें घातक हथियारों का इस्तेमाल भी होने लगा है। सोमवार को ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहाकि लेबनानी गांव पर फॉस्फोरस गिराया गया है। बयान में यह भी कहा गया है कि ह्यूमन राइट्स ने सात तस्वीरों को वेरिफाई किया है।

Mon, 9 March 2026 03:55 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, तेहरान
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मांस गला देने वाला केमिकल, लेबनानी गांव पर इस्तेमाल का आरोप; कितने लोगों पर असर?

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध लगातार गहराता जा रहा है। अब इसमें घातक हथियारों का इस्तेमाल भी होने लगा है। सोमवार को ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहाकि लेबनानी गांव पर फॉस्फोरस गिराया गया है। बयान में यह भी कहा गया है कि ह्यूमन राइट्स ने सात तस्वीरों को वेरिफाई किया है। इसमें यह सामने आया है कि इजरायल ने लेबनानी गांव योहमोर में फॉस्फोरस आर्टिलिरी का इस्तेमाल किया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस केमिकल का असर कितने गांव वालों पर हुआ है। यह हमला इजरायली सेना की उस चेतावनी के ठीक बाद हुआ जिसमें दक्षिणी लेबनान के दर्जनों गांवों को खाली करने के लिए कहा गया था।

दी गई चेतावनी
ह्यूमन राइट्स वॉच इसको लेकर चेतावनी भी दी है। इसमें कहा गया है कि आबादी वाले क्षेत्रों में सफेद फॉस्फोरस फायर करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। वजह, इससे इमारतों में आग लगा सकती है और हड्डियों तक गंभीर जलन पैदा कर सकता है, और इससे संक्रमण और ऑर्गन या फेफड़े फेल हो जाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ह्यूमन राइट्स वॉच में लेबनान के शोधकर्ता रामजी कैस ने कहा कि यह हमले बेहद चिंताजनक थे।

स्वास्थ्य पर गंभीर असर
इससे नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए इसके परिणाम काफी गंभीर और भयंकर हो सकते हैं। फिलहाल इजरायली सेना ने इसको लेकर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि उसने पहले दावा किया था कि सफेद फॉस्फोरस धुआं स्क्रीन के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लोगों को निशाना बनाने के लिए नहीं। मानव अधिकार संगठन, जिनमें एमनेस्टी इंटरनेशनल भी शामिल है ने यह पाया है कि यह हथियार इजरायल ने पहले भी कई बार इस्तेमाल किया था।

इजरायल की आश्चर्यजनक कदम उठाने की चेतावनी
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान की राजधानी तेहरान में एक तेल भंडारण ठिकानों पर आग की लपटों के गुबार उठते दिखाई दिए। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सप्ताह भर से जारी युद्ध के अगले चरण में कई आश्चर्यजनक कदम उठाए जाने की चेतावनी दी। इजरायल की सेना ने पुष्टि की कि उसने तेहरान में ईंधन भंडारण केंद्रों पर हमला किया। ऐसा प्रतीत होता है कि युद्ध में पहली बार किसी असैन्य औद्योगिक प्रतिष्ठान को निशाना बनाया गया है। सरकारी मीडिया ने राजधानी और उत्तर में पड़ोसी प्रांतों को आपूर्ति करने वाले इस केंद्र पर हमलों के लिए अमेरिका और यहूदी शासन को जिम्मेदार ठहराया।

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नेतन्याहू ने शनिवार रात कहा कि ईरान में युद्ध के अगले चरण के लिए इजरायल के पास कई आश्चर्यजनक कदमों की एक सुनियोजित योजना है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य ईरान में शासन को अस्थिर करना और परिवर्तन को संभव बनाना है। हालांकि तेल भंडारण पर हमलों के लिए अमेरिका ने इजरायल से आपत्ति जताई है।

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