What Was the Radio Message from the American Pilot Stranded in Iran मुसीबत में आई भगवान की याद, ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट का क्या था रेडियो संदेश, International Hindi News - Hindustan
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मुसीबत में आई भगवान की याद, ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट का क्या था रेडियो संदेश

ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट  ने ऐसा रेडियो संदेश भेजा जो कि ट्रेनिंग का हिस्सा नहीं था। सेना से संपर्क स्थापित होने के बाद रेडियो संदेश में पायलट ने कहा,'ईश्वर सर्वशक्तिमान है।' 48 घंटे के बाद पायलट को बचाया जा सका।

Mon, 6 April 2026 09:35 AMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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मुसीबत में आई भगवान की याद, ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट का क्या था रेडियो संदेश

अमेरिका के दो विमानों को ईरान ने मार गिराया लेकिन वह दोनों विमानों के पायलटों को नहीं पकड़ पाया। अमेरिका ईरान में घुसकर अपने दोनों पायलटों को निकाल लाया। ईरान ने दावा किया कि अमेरिका के अभियान के दौरान उसने कई हेलिकॉप्टरों को भी मार गिराया। हालांकि ईरान की मीडिया ने भी इसकी पुष्टि नहीं की है। एफ-15 विमान के ध्वस्त होने के बाद भी अमेरिका के पायलट की ट्रेनिंग के बल पर जान बच गई।

पायलट ने क्या भेजा रेडियो संदेश

जंगल और पहाड़ों के अलावा ईरानी सेना के बीच फंसे पायलट ने अमेरिकी सेना को रेडियो संदेश भेजा और कहा, 'भगवान ही सर्वशक्तिमान है।' यह संदेश एक तरह से एक सैनिक के लिए असामान्य था। प्राण रक्षा की ट्रेनिंग के दौरान सैनिकों को हथियार चलाना, जंगल की चीजों का इस्तेमाल करना और अन्य चीजों की ट्रेनिंग दी जाती है। साथ ही कई कोड वर्ड सिखाए जाते हैं। हालांकि पायलट की तरफ से इस तरह का संदेश बेहद हैरान करने वाला था।

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Axios की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी पायलटों को काफी कठिन ट्रेनिंग दी जाती है। इसके अलावा उनकी किट में ऐसी बहुत सारी चीजें मौजूद रहती हैं जिनके भरोसे वे आसानी से 7 दिन काम चला सकते हैं। पायलटों को बहुत सारे कोड सिखाए जाते हैं जिसका इस्तेमाल करके वे अपनी सेना के साथ संपर्क कर सकते हैं। लेकिन इसमें 'इश्वर सर्वशक्तिमान है' जैसे वाक्य फिट नहीं होते हैं।

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ईरान ने कर दिया था इनाम का ऐलान

ईरान ने अमेरिकी पायलट को पकड़ने के लिए केवल सैन्य अभियान ही नहीं शुरू किया बल्कि इनाम की भी घोषणा कर दी थी। ऐसे में ईरान के लोग भी पायलट को ढूंढने में लगे थे। जाहिर सी बात है कि पायलट के पास जान बचाने की बड़ी चुनौती थी। जानकारों का कहना है कि जान जब मुसीबत में फंसती है तो कई बार बयानों में स्पष्टता नहीं रहती। हर इंसान को सबसे बड़ी उम्मीद भगवान से होती है। यह संस्कृति और परवरिश से जुड़ा मामला होता है। ऐसे में अगर कोई सैनिक भी भगवान को याद कर रहा है तो यह हैरान करने वाला नहीं है।

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आधुनिक युद्ध का भी सच

युद्ध कितना भी बदल गया हो। इंसानों की जगह मशीनें हावी हो गई हों, लेकिन इतना स्पष्ट है कि आज भी इंसानी दिमाग ही इन सारी चीजों को कंट्रोल करता है। पायलट को निकालने के बाद दूसरी तरफ से भी रेडियो संदेश जारी होता है, 'ईश्वर सर्वोत्तम है।' रिपोर्ट में बताया गया कि जान बचाने के लिए अमेरिकी पायलट 7 हजार फीट ऊंचे पहाड़ पर चढ़ गया था। यहीं से उसे एयरलिफ्ट कर लिया गया।

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