US entered Iranian territory and rescued its Air Force officer in a two-day life-and-death mission ईरानी सेना से बचता-बचाता 7 हजार फीट की ऊंची चोटी पर चढ़ गया था पायलट; कैसे बचा जिंदा, International Hindi News - Hindustan
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ईरानी सेना से बचता-बचाता 7 हजार फीट की ऊंची चोटी पर चढ़ गया था पायलट; कैसे बचा जिंदा

इस बचाव अभियान के दौरान पायलट ने अद्भुत साहस का परिचय दिया। विमान मार गिराए जाने के बाद वह एक पहाड़ की दरार में छिप गया और ईरानी सैनिकों से बचते हुए 24 घंटे से अधिक समय तक जंगल और पहाड़ों में भटकता रहा। 

Sun, 5 April 2026 10:58 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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ईरानी सेना से बचता-बचाता 7 हजार फीट की ऊंची चोटी पर चढ़ गया था पायलट; कैसे बचा जिंदा

अमेरिका ने ईरान के क्षेत्र में घुसकर अपने उस वायुसेना अधिकारी को 2 दिन तक चले जीवन-मरण वाले मिशन में सुरक्षित बचा लिया, जो तेहरान के हमले में अपने लड़ाकू विमान को निशाना बनाए जाने के बाद लापता हो गया था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना बड़ी संख्या में उसकी तलाश कर रही थी और वह लगातार दुश्मन से बचने के लिए पहाड़ों की दरारों में छिपता रहा। आखिरकार अमेरिकी विशेष अभियान बलों ने जोखिम भरे ऑपरेशन में उसे निकाल लिया।

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इस बचाव अभियान के दौरान पायलट ने अद्भुत साहस का परिचय दिया। विमान मार गिराए जाने के बाद वह एक पहाड़ की दरार में छिप गया और ईरानी सैनिकों से बचते हुए 24 घंटे से अधिक समय तक जंगल और पहाड़ों में भटकता रहा। एक बार तो वह 7 हजार फीट की ऊंची चोटी तक चढ़ गया, जहां से वह दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रख सकता था। शुरुआत में अमेरिका को उसकी सटीक लोकेशन का पता नहीं था, लेकिन सीआईए की मदद से उसकी छिपने की जगह का पता लगाया गया। इस पूरे समय ईरान ने पायलट को ढूंढने वाले किसी भी व्यक्ति को मोटी इनामी राशि देने की घोषणा की थी, लेकिन वह खुद को बचाने में सफल रहा।

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ऑपरेशन पर क्या बोले ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अभियान को साहस और प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन बताया। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खतरनाक पहाड़ों से गंभीर रूप से घायल लेकिन अत्यंत साहसी F-15 चालक दल के सदस्य को बचा लिया। उन्होंने बताया कि ईरानी सेना काफी करीब पहुंच गई थी, लेकिन अमेरिकी कमांडो और विमानों ने उन्हें रोकने के लिए बमबारी और गोलीबारी की। इस मिशन में सैकड़ों विशेष अभियान सैनिक शामिल थे, जिनमें नौसेना की सील टीम-6 के जवान भी थे। ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसिक बचाव अभियानों में से एक करार दिया और कहा कि हम किसी भी अमेरिकी सैनिक को संकट में नहीं छोड़ेंगे।

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इस ऑपरेशन में अमेरिकी बलों ने ईरानी क्षेत्र में 7 घंटे तक आसमान में समय बिताया और दो चरणों में काम किया। पहले चरण में स्थिति का आकलन किया गया, जबकि दूसरे में पायलट को सुरक्षित निकाला गया। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि यह दो दिन की जीवन-मरण की स्थिति थी। व्हाइट हाउस ने भी सोशल मीडिया पर घोषणा की कि अमेरिका अपने सैनिकों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। इस घटना के अलावा, एक अन्य अमेरिकी पायलट को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास A-10 वॉरथॉग विमान दुर्घटनाग्रस्त होने पर भी बचाया गया।

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