पुतिन में सिर्फ अच्छाई का दिखावा, यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप का फूट पड़ा गुस्सा; अब तक 4 कोशिशें नाकाम
20 जनवरी को जब से ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति की गद्दी संभाली है, वो चार बार रूस और यूक्रेन युद्ध को रुकवाने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन अभी तक युद्ध रुका नहीं है। अब ट्रंप ने पुतिन को काफी बुरा-भला कहा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर तीखा हमला बोला। ट्रंप ने कहा कि पुतिन “हमेशा अच्छे बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन सब बकवास होता है।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की उनकी अब तक की चार कोशिशें असफल रही हैं। ट्रंप ने युद्ध रोकने में पहल न करने का आरोप लगाते हुए पुतिन सरकार पर प्रतिबंध लगाने की धमकी भी दी।
दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब एक दिन पहले उन्होंने यूक्रेन को भारी मात्रा में हथियार और हवाई सुरक्षा देने की बात कही। यूक्रेन राष्ट्रपति वोलोदोमिर जेलेंस्की ने ट्रंप के इस फैसले का स्वागत किया है। युद्ध में रूस की सेना यूक्रेन पर लगातार हावी दिख रही है। इतना ही नहीं, हफ्तेभर में यूक्रेन के कम से कम तीन इलाकों पर रूसी सेना अपना कब्जा कर चुकी है। रूसी सेना की घुसपैठ यूक्रेन के लिए चिंता बढ़ा रही है।
पुतिन से बहुत नाराज हूं- ट्रंप
वाइट हाउस में कैबिनेट की बैठक के दौरान ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध पर खुलकर बात की और पुतिन के रवैये पर गहरी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा, “मैं पुतिन से खुश नहीं हूं, ये मैं साफ़ तौर पर कह रहा हूं। वो हमेशा अच्छा बनने की एक्टिंग करते हैं, लेकिन उसका कोई मतलब नहीं निकलता।” ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने यूक्रेन को रक्षात्मक हथियारों की आपूर्ति को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका यूक्रेन को कुछ रक्षा उपकरण भेज रहा है ताकि वह रूसी हमलों से खुद को बचा सके।
अब तक की 4 नाकाम कोशिशें
20 जनवरी को जब ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति की गद्दीद संभाली तो उन्होंने खुद को यूक्रेन-रूस युद्ध रुकवाने का मसीहा करार दिया था। ट्रंप ने 24 घंटे के भीतर इस युद्ध को रुकवाने का दावा किया था, लेकिन अभी तक वो इसमें नाकाम रहे हैं।
राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने जनवरी में पुतिन और ज़ेलेंस्की के बीच सीधी बातचीत कराने की पेशकश की, लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई। इसके बाद मार्च महीने में यूरोपीय देशों के ज़रिए बैकचैनल वार्ता शुरू कराने की कोशिश की गई, लेकिन वह भी विफल रही। अप्रैल में नाटो सहयोगियों से सहयोग लेने की कोशिश में मतभेद उभर आए, जिससे पहल कमजोर पड़ी। ट्रंप ने युद्ध रुकवाने की चौथी कोशिश जून महीने में की, जब उन्होंने रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए टैरिफ और प्रतिबंधों की धमकी दी, लेकिन युद्ध की गति पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
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