US Israel Iran war update US temporarily lifts sanctions on Russian oil Moscow responds ईरान युद्ध में फंसे US ने रूसी कच्चे तेल से हटाया प्रतिबंध, खुश हुआ मॉस्को, कहा- हमारे बिना..., International Hindi News - Hindustan
More

ईरान युद्ध में फंसे US ने रूसी कच्चे तेल से हटाया प्रतिबंध, खुश हुआ मॉस्को, कहा- हमारे बिना...

अमेरिका ने रूसी कच्चे तेल पर लगे प्रतिबंध को अस्थायी रूप से 1 महीने के लिए हटा लिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रूस की तरफ से कहा गया कि अमेरिका का यह फैसला दिखाता है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार रूसी तेल के बिना स्थिर नहीं रह सकता।

Fri, 13 March 2026 03:06 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
share
ईरान युद्ध में फंसे US ने रूसी कच्चे तेल से हटाया प्रतिबंध, खुश हुआ मॉस्को, कहा- हमारे बिना...

ईरान में जारी युद्ध से वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। होर्मुज के बंद होने के बाद अब अमेरिका ने एक महीने तक रूसी तेल खरीद पर लगे प्रतिबंद को अस्थायी तौर पर हटा लिया है। अमेरिका की तरफ से कहा गया कि समुद्री रास्तों पर मौजूद रूसी तेल को देश खरीद सकते हैं। हालांकि, वाशिंगटन की तरफ से तर्क दिया गया है कि इससे रूस को फायदा नहीं होगा, लेकिन रूस ने इस फैसले को हाथों-हाथ लिया। मॉस्को की तरफ से कहा गया कि वाशिंगटन की तरफ से आया यह फैसला दिखाता है कि रूस के तेल के बिना वैश्विक बाजार स्थिर नहीं रह सकता।

रूस के आर्थिक मंत्री किरिल दिमित्रिएव ने अमेरिका द्वारा अस्थाई रूप से प्रतिबंध हटाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संयुक्त राज्य एक वास्तविक तथ्य को स्वीकार कर रहा है कि रूसी तेल के बिना वैश्विक बाजार कभी स्थिर नहीं रह सकता। गौरतलब है कि अमेरिका का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की वजह से वैश्विक बाजार की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल पार कर गई हैं। ईरान की तरफ से लगातार यह धमकी दी जा रही है कि अगर अमेरिका इसी तरीके से यह युद्ध लड़ना चाहता है, तो पूरी दुनिया 200 डॉलर प्रति बैरल के हिसाब से तेल खरीदने के लिए तैयार रहे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सीमित हैं तेल के भंडार, ट्रंप की गलती से सबकुछ हो सकता है ठप… चेतावनी ने डराया

अमेरिका ने क्या कहा?

ईरान से जारी युद्ध और होर्मुज के बंद होने की वजह से पूरी दुनिया पर ऊर्जा संकट है। क्योंकि इसी रास्ते के जरिए वैश्विक उर्जा का एक बड़ा हिस्सा आता-जाता है। ऐसी स्थिति में पिछले कई सालों से रूस के तेल पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर रहे अमेरिका को अपने इन प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाना पड़ा। अमेरिका की तरफ से 12 मार्च को जारी एक नोटिस में कहा गया कि 12 मार्च या उससे पहले जहाजों पर लदा रूसी कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद से जुड़े लेन-देने की अनुमति दी जाएगी। यह अस्थायी अनुमति 11 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी।

आपको बता दें, इससे पहले अमेरिका की तरफ से भारत की रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीद की 30 दिन की अस्थायी छूट देने की बात कही गई थी, जिस पर भारत की तरफ से कहा गया था कि उसे किसी की छूट की जरूरत नहीं है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:यूएस के एयरक्राफ्ट कैरियर पर हमला, ईरान ने किया नुकसान पहुंचाने का दावा

रूसी तेल पर क्यों पलटा अमेरिका?

विश्व राजनीति ने पिछले एक साल में कई बार पलटी मारी है। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका लगातार रूस पर दबाव बनाने के लिए उसके तेल और गैस को वैश्विक बाजार में आने से रोक रहा था। वाशिंगटन ने मॉस्को के ऊपर तरह-तरह के प्रतिबंध लगाए लेकिन फिर भी भारत और चीन जैसे सहयोगियों की वजह से रूस को नया बाजार मिलता रहा। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। ईरान पर अमेरिकी हमले ने तेल के वैश्विक उत्पादन को एक बड़ा झटका पहुंचाया है। ऐसे में कुछ हफ्तों पहले तक रूसी तेल खरीद करने वालों पर टैरिफ थोप रहे अमेरिका ने अब इसको खरीदने के लिए छूट देता हुआ नजर आ रहा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कौन हैं अली जाफरी? ईरान की हार को असंभव बना दिया, US-इजरायल को कर दिया कन्फ्यूज

इसके पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका द्वारा शुरू किया गया युद्ध है, जिसकी वजह से होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान ने नाकेबंदी करते हुए इसे बंद कर दिया है। इसकी वजह से पूरे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट शुरू हो गया है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।