US aircraft carrier Abraham Lincoln attacked Iran claims damage यूएस के एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर हमला, ईरान ने किया नुकसान पहुंचाने का दावा, International Hindi News - Hindustan
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यूएस के एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर हमला, ईरान ने किया नुकसान पहुंचाने का दावा

ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर हमला किया है। ईरान ने यह नहीं बताया है कि इससे पोत को कितना नुकसान हुआ है। वहीं अमेरिका ने इस दावे को नकार दिया है। 

Fri, 13 March 2026 02:22 PMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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यूएस के एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर हमला, ईरान ने किया नुकसान पहुंचाने का दावा

मध्य एशिया में छिड़ी जंग के बीच ईरान ने दावा किया है कि इस्लामिक रिवोलूशनरी गार्ड ने शुक्रवारको अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन पर हमले किए हैं। ईरान का दावा है कि इसे अच्छा खासा नुकसान पहुंचाया गया है। वहीं अमेरिका ने इस दावे का खंडन किया है। ईरान ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि उसके हमले में अमेरिका के एयरक्राफ्ट कैरियर को कितना नुकसान पहुंचा है।

ईरान ने कहा कि ईरान से लगभग 340 किलोमीटर की दूरी पर समुद्र में यूएसएस अब्राहम लिंकन पर हमला किया गया। ईरानी मीडिया के मुताबिक अमेरिका एयरक्राफ्ट कैरियर और साथ के अन्य जहाजों को तेजी से जाते हुए देखा गया है। सीबीएस न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ईरानी जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन विमान वाहक पोत के करीब पहुंच गया था। इसके बाद अमेरिकी सेना को फायरिंग करनी पड़ी। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी नौसेना के एक जहाज ने ईरान के जहाज पर पहले गोलीबारी की थी। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अभियान चलाने के लिए दो युद्धपोत पहले ही ईरान की सीमा के पास तैनात कर दिए थे। इनपर फाइटर जेट उतर सकते हैं।

ईरान पर हमला करना डोनाल्ड ट्रंप की गलती

इस मामले को लेकर पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने कहा कि पश्चिम एशिया ने जारी संघर्ष को ''रोकना जरूरी है'' क्योंकि इस युद्ध की दुनिया भर के देशों को असहनीय कीमत चुकानी पड़ रही है। सिब्बल ने कहा कि यदि तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तो 'ग्लोबल साउथ', यूरोप और अमेरिका सहित दुनिया पर इस संघर्ष के वैश्विक असर होंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ''ईरान पर हमला करके बहुत बड़ी गलती की है'' और इजराइल ने भी गलती की है।

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आर्थिक रूप से कम विकसित देशों या विकासशील देशों के संदर्भ में 'ग्लोबल साउथ' शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। सिब्बल ने बेंगलुरु के थिंक-टैंक 'साइनर्जिया' द्वारा यहां एक राष्ट्रीय सम्मेलन के इतर कहा कि इजराइल और अमेरिका के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हाल में हुई मौत ने ईरान के जवाबी कार्रवाई के संकल्प को कमजोर करने के बजाय और मजबूत किया है।

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युद्ध रोकना जरूरी

पश्चिम एशिया में यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए उस बड़े सैन्य हमले के बाद शुरू हुआ, जिसमें 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। ईरान की 88 सदस्यीय 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया है। सिब्बल ने कहा, 'मुझे लगता है कि इसे (संघर्ष को) रोकना आवश्यक है क्योंकि इस युद्ध की जो कीमत दुनिया भर के देशों को चुकानी पड़ रही है, वह असहनीय है।'

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उन्होंने कहा, ''वैश्विक अर्थव्यवस्था तेल और गैस से चलती है।... यदि इसकी आपूर्ति में व्यवधान आता है, यदि आपूर्ति पर्याप्त नहीं रहती है और यदि कीमतों में उछाल आता है तो इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।'' उन्होंने 'कहा, ''और इसका असर सिर्फ भारत, 'ग्लोबल साउथ' या विकासशील देशों पर ही नहीं पड़ेगा, यूरोप और अमेरिका को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। पेट्रोल पंपों पर कीमतें पहले ही कई सेंट बढ़ चुकी हैं।'

उन्होंने कहा कि अब सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया, जापान और अन्य देशों ने भी अपने भंडार खोल दिए हैं ताकि कीमतें कम हो सकें और अमेरिका रूसी तेल खरीदने पर भारत पर जिन प्रतिबंधों की धमकी दे रहा था, वह उनसे ''पीछे हट गया'' है और उसने भारत से वैश्विक कीमतों को स्थिर रखने के लिए रूसी तेल खरीदने को कहा है।

उन्होंने कहा, 'लेकिन यह केवल अस्थायी है... यदि युद्ध जारी रहता है तो वे अपने भंडार को वैश्विक बाजार में लगातार उपलब्ध नहीं करा सकते। आखिरकार, ये भंडार सीमित हैं। ... मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ी गलती है, बहुत बड़ी गलती, जो ट्रंप ने ईरान पर हमला करके की है और इजराइल ने भी।' सिब्बल ने कहा कि अमेरिका के हमलों की किसी न किसी चरण पर प्रतिक्रिया होगी। उन्होंने कहा, ‘और यदि जवाब में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में दो पोत डुबो देता है या उसमें बारूदी सुरंगें बिछा देता है या खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की बैंकिंग एवं वित्तीय प्रणाली पर हमला शुरू कर देता है तो क्या होगा? सब कुछ ठप हो जाएगा। बैंकिंग प्रणाली, वित्तीय प्रणाली, इंटरनेट प्रणाली, सब कुछ ठप हो जाएगा।’

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